बादशाहपुर के एक सुनार के यहां पिछले एक दशक से काम करने वाला कारीगर परिवार 30 लाख रुपये का सोना लेकर चंपत हो गया। घटना के बाद से कारीगर, उसकी पत्नी और साला फरार हैं। स्थानीय पुलिस उनकी तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है।
बताते हैं कि बंगाल का शांतनु, उसकी पत्नी पूर्णिमा एवं उसका साला बासुदेव पिछले 10 वर्ष से बादशाहपुर बड़ा बाजार के आभूषण विक्रेता रमेश प्रसाद की दुकान पर काम करते थे। वे दुकान के ऊपर बने कमरे में ही रहते थे।
बताते हैं कि 26 नवंबर की शाम को रमेश तीनों कारीगरों को दुकान पर छोड़कर घर आ गया था। दूसरे दिन 27 नवंबर की सुबह जब दुकान पर पहुंचा, तो शांतनु, उसकी पत्नी पूर्णिमा, बच्चे व साला बासुदेव गायब थे। साथ ही दुकान में रखे सोने के गहने भी गायब मिले।
रमेश ने बताया कि उसके तीन भाई भी जेवर का काम करते हैं। उनके काम वह अपने तीनों कारीगरों से कराया करता था। तीनों कारीगर उसका 160-170 ग्राम सोना, मुकेश का 400 ग्राम सोना व मुनेष का 250 ग्राम सोना व एक अन्य आभूषण विक्रेता के 100 ग्राम सोने के गहने ले भागे, जिसकी कीमत करीब 29-30 लाख रुपये है। थाना प्रभारी ने उनकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम बंगाल भेजी है।