जिंद जिले के एक गांव में नौंवी कक्षा की छात्रा से अध्यापक द्वारा दुराचार का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उस स्कूल में 15 नए महिला टीचर्स की तैनाती की है।
ग्रामीणों की स्टाफ बदलने की मांग को स्वीकार करते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही अब स्कूल भी खुल जाएगा।
हालांकि ग्रामीण स्कूल का सारा स्टाफ बदलने की मांग पर अडे़ थे। उनकी मांग थी कि स्कूल में महिला टीचर्स की नियुक्त की जाए, अन्यथा वे अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
पंचायत का फैसला, बेटियों को नहीं भेजेंगे स्कूल
शिक्षा विभाग द्वारा रविवार शाम को जींद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी गई सूची के मुताबिक, धरोदी से चांद कौर, सच्चाखेड़ा से प्रवीण रानी, दनौदा से दीपा, दनौदा कलां से सुदेश कुमारी, दबलैन से जयदेवी, धमतान साहिब से मनोज कुमारी, पीपलथा से हरदीप कौर, बेलरखा से बीरमती, दबलैन से राजेश कुमारी, दनौदा कलां से रीटा अग्रवाल व सरोज कुमारी, दनौदा खुर्द से बबीता को राजकीय विद्यालय में तैनात किया गया है।
इसी परिसर में चल रहे राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में बदौवाल से वीना भाटिया को मुख्याध्यापक, नरवाना से जेबीटी मनोज कुमारी व शीला देवी को तैनात करने आदेश भी जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि रेप का मामला सामने आने के बाद दो गांवों ने पंचायत बुलाकर अपनी बेटियों के स्कूल जाने पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया था।
पंचायत ने कहा था कि वे स्कूलों में अपनी बेटियों व बहनों को पढ़ने के लिए नहीं भेजेंगे। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं में केवल एक अध्यापक आरोपी नहीं हो सकता बल्कि पूरे स्टाफ की मिलीभगत की आशंका है।
उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाने की मांग की थी।