डॉ. कमल गुप्ता के स्टाफ में शामिल अमित ने बताया कि वह ग्राउंड फ्लोर पर था। अचानक ऊपर से आग लगने की आवाज आई तो वह और अन्य स्टाफ तुरंत दौड़े। पहली मंजिल पर धुआं-धुआं हो रखा था। सबसे पहले बिजली के सभी स्विच ऑफ किए। मदद के लिए आस-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। डॉ. गुप्ता की मां व पत्नी को ड्राइंग रूम के साथ लगते कमरे के छज्जे के जरिये पास के मकान की छत पर उतारा। इसके बाद डॉ. गुप्ता को मकान के पीछे सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि वह घटना के करीब आधे घंटे पहले ही सोए। पत्नी ने आग लगने का शोर मचाया तो वह अपने कमरे से बाहर आए। घर में धुआं फैल रखा था। ड्राइंग रूम में लपटें उठ रही थीं। धुआं इतना था कि एक मिनट भी रुकना मुश्किल हो रहा था। भगवान का शुक्र है कि आग घर के दूसरे हिस्सों में नहीं फैली और समय रहते पता चलने से काबू पा लिया गया। आग लगने की घटना के बाद मेयर प्रवीण पोपली व भाजपा कार्यकर्ता हाल-चाल जानने के लिए डॉ. कमल गुप्ता से मिलने पहुंचे।