सितंबर 2025 में दिव्या के पिता पवन साहू कनाडा चले गए और यश भी वहीं था। इन चारों ने मिलकर उनके बेटे को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मकान की मलकियत दिव्या के नाम करने की मांग की। जब मंजीत और उनके परिवार ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उन्हें दहेज के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पवन साहू जनवरी 2026 में कनाडा से जींद आ गया और उसने 9.15 लाख में समझौता कर लिया लेकिन बाद में इससे मुकर गया।
आरोप है कि इसके बाद भी पवन साहू जोगेंद्र पर दबाव बनाते रहे कि वह अपने बेटे मंजीत से कहकर कनाडा स्थित मकान की मलकियत दिव्या के नाम करवा दें। 25 अप्रैल को दिव्या ने ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।
दिव्या ने 25 अप्रैल को महिला पुलिस थाना जींद में ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में बताया था कि शादी के बाद से ही उनका पति मंजीत, सास अनिता, ससुर जोगिंद्र सिंह और ननद प्रीति मारपीट करते थे। आरोप लगाया कि उनके ससुर ने साल 2024 में उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की थी। पुलिस ने जोगेंद्र समेत चारों लोगों के खिलाफ दहेज मांगने, मारपीट करने पर एफआईआर दर्ज कर ली थी। इसके बाद पुलिस ने जोगेंद्र को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया था।
शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। मृतक का बेटा कनाडा में रहता है। उसके आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी। पुलिस ने मृतक की पुत्रवधू दिव्या, उसके पिता पवन, मां सरोज और भाई यश के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर एफआईआर दर्ज कर ली है। -कपिल, जांच अधिकारी, जीआरपी जींद