हिसार में चल रही सेना भर्ती में भाग लेने के लिए जिले के युवाओं ने कोरोना टेस्ट करवाए थे। नागरिक अस्पताल में वीरवार को कोरोना टेस्ट करवाने वाले युवा रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचे। नशा मुक्ति केंद्र में युवाओं को स्वास्थ्य विभाग ने तय किए फार्म पर मोहर और डॉक्टर के हस्ताक्षर के साथ जांच रिपोर्ट जारी की गई लेकिन युवकों ने जारी की गई मेडिकल रिपोर्ट को लेकर हंगामा कर दिया। युवकों ने कहा कि जिस फार्म पर रिपोर्ट दी जा रही है उसे सेना भर्ती में मान्य नहीं किया जा रहा है और एंट्री गेट से ही वापस भेजा जा रहा है।
सेना भर्ती में एंट्री गेट पर पांच सौ रुपये की रसीद और कोविड जांच फार्म पर रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिस पर हस्ताक्षर और मोहर लगी होनी चाहिए। लेकिन यहां पर इस रिपोर्ट के लिए पांच रुपये की रसीद कटवाई जा रही है जबकि अन्य जिलों में फीस नहीं ली गई है। पांच सौ रुपये की रसीद के बिना फार्म पर मेडिकल रिपोर्ट जारी की जाए। युवकों के हंगामे के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया कि सेना भर्ती के जिस फार्म पर रिपोर्ट चाहिए वह दी जा रही है लेकिन युवक नहीं माने। अधिकारियों ने कहा कि अगर उन्हें आईएसएमआर की रिपोर्ट चाहिए तो फीस देनी होगी। सेना भर्ती से बाहर होने के डर से अधिकतर युवक रसीद कटवाने की लाइन में लग गए और दूसरे फार्म पर रिपोर्ट जारी करवाई।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना की वेबसाइट पर भर्ती को लेकर कोरोना टेस्ट के लिए जो नियम है उसके मुताबिक रिपोर्ट दी जा रही है। जांच रिपोर्ट के अलावा, डॉक्टर का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर, अस्पताल का नाम तक लिखा जा रहा है। जबकि युवक जो रिपोर्ट कह रहे है वह साधारण फार्म है उस पर सिर्फ जांच रिपोर्ट ही दर्ज होती है।
सेना भर्ती में जाने वाले युवकों के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निशुल्क टेस्ट किए गए है। इसके अलावा सेना भर्ती के लिए जो रिपोर्ट मान्य वह दे भी दी है मगर कुछ युवक अफवाहों में आकर पांच सौ रुपये की पर्ची कटवा रहे है। जो कि सिर्फ उनके लिए मान्य है जिन्होंने बाहर यात्रा पर जाना है। - मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, फ्लू क्लीनिक।