फतेहाबाद। हेरोइन नशे पर सख्ती के बाद युवा अब मेडिकल नशे की तरफ बढ़ रहे हैं। हालात ये है कि युवा गोलियों का घोल बनाकर उसका इंजेक्शन लगा रहे हैं। युवा बिना पर्ची मेडिकल स्टोर से टपेंटाडोल की गोलियां खरीद रहे हैं और इसकी शिकायतें स्वास्थ्य विभाग के पास भी पहुंची है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने टीम का गठन किया है। टीम में जिला ड्रग कंट्रोलर और नशा मुक्ति केंद्र इंचार्ज को भी शामिल किया गया है। ये टीमें मेडिकल स्टोर पर जाकर जांच करेंगी। अगर रिकॉर्ड नहीं मिलता है तो बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, इसको लेकर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता भी एक्शन मोड में आ गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता भी बिना डॉक्टर पर्ची टपेंटाडोल व अन्य प्रतिबंधित दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर निगाहें रखे हुए हैं। टपेंटाडोल दवा का प्रयोग दर्द आदि में किया जाता है और उसे डॉक्टर की पर्ची पर ही मेडिकल स्टोर संचालक दे सकता है। हालांकि इसका युवा इस्तेमाल कर रहे हैं। इस संबंध में जिला ड्रग कंट्रोलर दिनेश राणा का कहना है कि मेडिकल स्टोरों पर रूटीन में भी चेकिंग की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र में नशा छोड़ने के लिए आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। नशा मुक्ति केंद्र में जनवरी और फरवरी माह में 82 नए मरीज हैं। इसमें 22 नए मरीजों को दाखिल किया गया है। इसके अलावा ओपीडी में 60 मरीज आए हैं।
नैको की टीम करेगी तीन दिन मूल्यांकन
रेडक्रॉस की तरफ से नशा लेने वाले युवाओं के लिए टीआई प्रोजेक्ट शुरू कर रखा है। टीआई प्रोजेक्ट के तहत नशा ले रहे युवाओं की काउंसिलिंग की जाती है। इंजेक्शन के जरिये नशा लेने वाले युवाओं को सिरिंज उपलब्ध करवाई जाती है, ताकि एचआईवी संक्रमित होने से बचाया जा सके। टीआई प्रोजेक्ट के जरिये इन युवाओं की काउंसलिंग करके नशा छोडऩे के लिए केंद्र में भेजने की भी जिम्मेदारी होती है। इसको लेकर नैको यानि नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी की टीम तीन दिन तक अलग-अलग प्रोजेक्ट का मूल्यांकन करेगी, जिसमें नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल है।
कोट
मेडिकल स्टोर की चेकिंग को लेकर टीम का गठन किया गया है, जिसमें डीसीओ और नशा मुक्ति केंद्र इंचार्ज डॉ. गिरीश भी शामिल हैं। टीम मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करेगी और रिकॉर्ड का जांच करेगी।
- डॉ. संगीता अबरोल, उप सिविल सर्जन