प्रशासन द्वारा दो महीने पहले अनियमितता पाए जाने पर पशु मेला बंद किया था। रविवार को प्रशासन के आर्डर की अनदेखी करते हुए उसी पुरानी जगह भूना रोड पर निर्माणाधीन फोरलेन हाइवे पर फिर शुरू हो गया।
अजीब बात यह है कि मेले में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी पशु लेकर पहुंचे लेकिन इस बात की खबर प्रशासन तक को नहीं लगी। बीडीपीओ अनुभव मेहता ने बताया कि पशु मेला बिना किसी लिखित परमिशन के शुरू किया गया है। पशु मेले में सुधार को लेकर पहले नई गाइड लाइन जारी की जानी थी।
उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के कारण ही पशु मेला बंद किया गया था। जुलाई में प्रशासन की ओर से पशु मेले पर पाबंदी लगा दी थी। जिसके बाद से लगातार पशु व्यापारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए और यहां तक लघु सचिवालय के बाहर धरना तक दिया। जिसके बाद डीसी ने पशु मेले पर लगी आपत्ति हटा दी और कह दिया कि बीडीपीओ चाहें तो मेला शुरू करवा सकते हैं। इधर चुनाव की घोषणा होते ही अधिकारी उसमें व्यस्त हो गए। बीडीपीओ चाहते थे कि नई गाइड लाइन बनाकर चुनाव के बाद इसे शुरू करवाया जाए।
लेकिन बिना दोबारा अनुमति के रविवार को पशु मेला आयोजकों ने उसी जगह पर मेला शुरू कर दिया। पशु मेले के लिए 30 बिंदु जारी किए गए हैं। जिसके आधार पर ही पशु मेला लगाया जा सकता है। जिसमें पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था, चारे की व्यवस्था, मेले में वेटरनी डाक्टरों की व्यवस्था, पशुओं को लाने व ले जाने की उचित व्यवस्था सहित ऐसे तीस बिंदु हैं जिन्हें पूरा करने के बाद ही पशु मेला लगाया जा सकता है। मेले में तो देखने में यहां तक आया कि भैंस का दूध दो से तीन समय तक का रोका हुआ था जिस कारण उन्हें परेशानी हो रही थी।
मेला लगाकर विभाग को लगाया चूना
भूना रोड बाईपास पर पशु मेला लगाया गया। जहां पर पशु व्यापारी भी पहुंचे। लेकिन वहां पर पंचायत विभाग को कोई अधिकारी नहीं था। मेले में पंचायत विभाग का अधिकारी होता है। पशु खरीदने के बाद रसीद काटी जाती है। लेकिन रविवार को लगे मेले में कोई भी अधिकारी न होने के कारण विभाग को चूना लगा।
यहां तक पशु मेले में देखने में यहां तक आया कि भैंस खरीदने के बाद जब कोई खरीदार पर्ची के लिए पशु मेला आयोजकों के पास पहुंच रहा था तो उन्हें यही जवाब दिया जा रहा था कि ऐसे ही ले जाओ जो यहां देना वो रास्ते में दे देना।
अभी नहीं दी है लिखित अनुमति
डीसी साहब ने पशु मेले पर आपत्ति हटा दी थी। पशु मेला दोबारा शुरू करने के लिए उसमें सुधार लाने के लिए नई गाइड लाइन बनाई जानी थी, लेकिन पंचायत चुनाव में व्यस्त होने के कारण गाइड लाइन नहीं बनाई जा सकी। इसीलिए अभी तक लिखित में पशु मेला शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई। मैं अभी इंस्पेक्टर को भेजकर मामले की जानकारी लेता हूं।