फतेहाबाद/रतिया/टोहाना। वीरवार को शुरू हुई बादलवाही के बाद शुक्रवार दोपहर तक रूक-रूक कर बारिश हुई। बारिश से जहां जिले के किसानों को राहत प्रदान मिली है वहीं शहरों में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई है। फतेहाबाद शहर में सड़क के बीचोंबीच खोदे गए गड्ढे में मिट्टी बैठने से पानी भर गया। जिस कारण गोपीराम धर्मशाला के सामने कार, स्कूल बस और बाइक गड्ढों में फंस गए। वहीं रतिया के गांव कलोठा में मकान की छत गिर गई।
कृषि विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले के रतिया में सर्वाधिक 14 एमएम, टोहाना में छह तो फतेहाबाद में पांच एमएम बारिश रिकार्ड की गई। कृषि उपनिदेशक डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि अगर ओलावृष्टि होती तो उससे फसल को नुकसान की आशंका थी, लेकिन बारिश से गेहूं की फसल को फायदा ही होगा। इससे फुटाव जल्द और बेहतर तरीके से होगा। बारिश के चलते जहां सुबह तो वातावरण में ठिठुरन बढ़ गई, लेकिन दोपहर में तेज धूप से पारा फिर चढ़ता नजर आया। हालांकि सांय होते होते आसमान में एक बार फिर बादल छाने से बारिश के आसार बढ़ते दिख रहे हैं।
शुक्रवार को हुई बारिश के चलते फतेहाबाद शहर के जवाहर चौक, बीघड रोड, माडल टाउन, धर्मशाला रोड, रतिया रोड आदि कई जगहों पर जलभराव के चलते हालात बदतर हो गए। इसके अलावा धर्मशाला रोड पर नई पाइपलाइन डालने के कार्य बेहद धीमी गति से होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क के बीचोंबीच खोदे गए गड्ढे में मिट्टी बैठ गई और कई फुट तक पानी भर गया। जिस कारण गोपीराम धर्मशाला के सामने कार, स्कूल बस और बाइक गड्ढों में फंस गए। लोगों का कहना था कि काफी समय पहले गड्ढे खोद दिए गए, फिर धीमी गति से पाइपलाइन डालने के बाद अब निर्माण पूरा होने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। शुक्रवार को बारिश के चलते लोगों का इस सड़क से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है। शहर की अन्य सड़कों में भी जलभराव के कारण ही हालात नजर आए। कई जगहों पर मोटरसाइकिल गड्ढे में गिरे दिखाई दिए और वाहन चालकों ने निकालने की मशक्कत करते नजर आए।
मकान की छत गिरने से हजारों रुपये का नुकसान
रतिया (संवाद)। गांव कलोठा में शुक्रवार सुबह हुई बारिश के कारण गांव के रामकिशन पुत्र हमीर चंद के मकान की छत गिर गई। इससे हजारों रुपये का घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। मकान मालिक ने प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। रामकिशन के पुत्र सुखविंद्र ने बताया कि जिस समय मकान की छत गिरी उस समय परिवार के कुछ सदस्य अंदर थे, लेकिन वे बाल-बाल बच गए। मकान की छत गिरने से अंदर रखा हजारों रुपये का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार मेहनत-मजदूरी करता है इसलिए प्रशासन उन्हें उचित मुआवजा दे ताकि वे अपने मकान की मरम्मत व घरेलू सामान खरीद सकेें। उन्होंने बताया कि मकान की छत पहले से ही काफी जर्जर थी और इसके लिए वे काफी समय से प्रशासन से गुहार लगा रहे थे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
बारिश शहर वासियों के लिए बनी आफत, तो किसानों के लिए हुई वरदान साबित
भट्टूकलां। क्षेत्र के गांवों में शुक्रवार सुबह हुई बारिश किसानों की फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों के चेहरे पर रौनक छा गई है। वहीं भट्टूकलां शहर की सड़कों पर दो-दो फुट पानी भर जाने से शहरवासियों को रोजमर्रा की चीजें खरीदने में परेशानी हुई। भट्टू मंडी में बरसाती पानी निकासी की ठीक व्यवस्था न होने से शहर की सड़कों पर पानी भर गया। जिससे रेलवे स्टेशन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भट्टूमण्डी निवासी रामसिंह, सुदेश शर्मा, बलवान, राजेंद्र सहित अनेक लोगों ने कहा कि यहां पर बरसाती पानी की निकासी की ठीक व्यवस्था न होने के कारण सड़कें पानी से भर जाती है। लोगों ने अपनी समस्या केे बारे में कई बार प्रशासन के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन हर बार सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। शहर में हिसार रोड, फतेहाबाद रोड, अनाजमण्डी का मुख्य गेट, आदमपुर रोड सहित सभी सड़कों पर पानी जमा हो गया। इस पानी से गुजरते वक्त कई वाहन खासकर दोपहिया वाहन पानी में ही बंद हो गए। जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। खंड कृषि अधिकारी सतीश ज्याणी ने बताया कि शुक्रवार सुबह हुई बारिश 14 एमएम दर्ज की गई। इससे किसानों की फसलों को काफी लाभ होगा।