फतेहाबाद। नगर परिषद में चल रहे विकास कार्यों में गड़बड़ी की आशंका को लेकर पहले तो प्रधान दर्शन नागपाल ने ठेकेदारों की पेमेंट के चेक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। वहीं डेढ़ घंटे बाद उन्हीं ठेकेदारों के साथ मीटिंग करके पेमेंट चेक पर हस्ताक्षर करके पास कर दिए। हालांकि नप प्रधान का कहना है कि विकास कार्यों की जांच जरूर होगी, गड़बड़ी मिली तो ठेकेदारों के अन्य बिल रोक लिए जाएंगे।
नगर परिषद द्वारा गलियों के मरम्मत कार्यों के ठेकेदार पंछी और मदन को टेंडर दिया हुआ था। काम पूरा होने के बाद नप अधिकारियों ने दोनों ठेकेदारों की करीब पांच लाख रुपये की पेमेंट चेक पर हस्ताक्षर करके प्रधान के पास भेज दिए। प्रधान ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। दोपहर दो बजे नप प्रधान दर्शन नागपाल ने कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, ईओ जितेंद्र के साथ मीटिंग की। इस दौरान कहा कि इन ठेकेदारों के खिलाफ पहले भी शिकायत आ चुकी हैं इसलिए पहले जांच करवाऊंगा, फिर हस्ताक्षर करूंगा। किसी कीमत पर जांच से पहले हस्ताक्षर नहीं होंगे। मेरे खुद के वार्ड में ठेकेदार ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। तीन बजे नप प्रधान के पास दोनों ठेकेदार पहुंचे। इस दौरान प्रधान और ठेकेदारों की बीच मीटिंग हुई। इसके बाद नप प्रधान ने चेक पर हस्ताक्षर करके पास कर दिए।
इधर सोसायटी को लेकर विवाद
पार्क के सुंदरीकरण को लेकर बनाई गई सोसायटी को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। पार्षद नेहा मितल ने जिस सोसायटी को पहले पार्क सुंदरीकरण का काम दिलवाया था अब उससे लेकर दूसरी सोसायटी को देना चाहती है। इसको लेकर प्रधान दर्शन नागपाल, ईओ जितेंद्र, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक के साथ नेहा मितल की मीटिंग हुई। अधिकारियों ने कहा कि सोसायटी अच्छा काम कर रही है और पार्षद ही पहले उस पर सहमति जताई थी। पार्षद नेहा मितल ने कहा कि वार्ड के ही लोगों ने अब सोसायटी बनाई है इसलिए उन्हें जिम्मेदारी दी जाए। पहले वाली सोसायटी में वार्ड का एक ही व्यक्ति है। अधिकारियों ने दोनों सोसायटी को सोमवार को बुलाया है। मीटिंग के बाद जब ठेकेदार मदन को फोन किया और चेक भुगतान बारे पूछा तो एक मिनट बाद करने का कहकर फोन बंद कर लिया।
वर्जन
प्रधान को गलतफहमी हो रही थी। मैंने पार्षद को बुलाकर वेरिफाई करवा दिया, इसके बाद मेरे चेक पर साइन हो गए हैं। किसी और ठेकेदार के काम का मामला था।
- पंछी, ठेकेदार नप
------
ठेकेदारों के दस्तावेज पूरे नहीं थे, उन्हें पूरा करवाया गया है। पार्षद से बात करने के बाद मैंने हस्ताक्षर किए हैं। जहां तक जांच की बात है वो तो होगी, मैंने कार्यकारी अभियंता को लिख दिया है। इन ठेकेदारों के अभी कई बिल हैं, कोई गड़बड़ी हुई तो उन्हें रोक लेंगे।
- दर्शन नागपाल, प्रधान, नगर परिषद