विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रदेश की भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ वोट देने की मांग को लेकर किसानों ने जिले के तीनों विधायकों के घरों के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने फतेहाबाद व टोहाना के विधायक के भाइयों और रतिया के विधायक के बेटे को ज्ञापन सौंपकर सीधी चेतावनी दी कि अगर विधायकों ने किसानों के हित में प्रदेश सरकार के खिलाफ वोट नहीं दिया तो उन्हें गांवों में नहीं घुसने देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के वोटों से ही विधायक बने हैं, अगर सरकार के पाले में रहे तो भविष्य में दोबारा वोट मांगने गांवों में आने की जरूरत नहीं है। किसानों के प्रदर्शन के चलते फतेहाबाद, टोहाना व रतिया के विधायकों के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने शांतिपूर्वक तरीके से प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपकर परिजनों से कहा कि वह किसानों की आवाज को विधायकों तक पहुंचा दें।
फतेहाबाद शहर में लालबत्ती चौक पर एकत्रित हुए किसानों ने पैदल ही भट्टू रोड स्थित विधायक दुड़ाराम के आवास की ओर प्रस्थान किया। किसान नारेबाजी करते हुए विधायक आवास पर पहुंचे, जहां पहले से ही पुलिस तैनात थी। आवास के गेट पर किसानों ने विधायक के भाई द्वारका प्रसाद को अपना ज्ञापन सौंपा और उनसे किसानों की बात विधायक तक पहुंचाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पक्ष में वोट डाला तो विधायक को बोल देना, दोबारा गांवों में न आएं। अगर आए तो गांव में घुसने नहीं देंगे।
तीनों विधायक सरकार में, दो भाजपा और एक जजपा से
फतेहाबाद जिले में तीन विधानसभा हैं, इनमें फतेहाबाद, रतिया व टोहाना शामिल हैं। फतेहाबाद से दुड़ाराम और रतिया से लक्ष्मण नापा भाजपा की टिकट पर विधायक बने हैं जबकि टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली जननायक जनता पार्टी से हैं। तीनों ही विधायक सरकार में हैं। ऐसे में तीनों विधायक किसानों और सरकार के बीच चल रहे इस फेर में फंस गए हैं। हालांकि, देवेंद्र बबली चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी ने व्हिप जारी कर दिया है। अगर पार्टीलाइन से बाहर गए तो वह सदस्यता रद्द कर देंगे।
टोहाना विधायक के आवास के बाहर तैनात रहे 70 पुलिसकर्मी
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने विधायक देवेंद्र सिंह बबली के गांव बिढाईखेड़ा स्थित निवास स्थान पर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। किसानों ने विधायक से अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि बबली अपना वोट अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में दे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखा। डीएसपी बिरम सिंह के नेतृत्व में थाना सदर, थाना शहर व महिला पुलिस सहित 70 पुलिसकर्मी विधायक के निवास पर मौजूद रहे। किसानों ने दो घंटे तक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के बाद विधायक देवेंद्र सिंह बबली के भाई विनोद को अपना ज्ञापन सौंपा। इससे पहले किसान टाउन पार्क स्थित पक्के धरने पर एकत्रित हुए। यहां से मोटरसाइकिलों के साथ विधायक निवास पर पहुंचे। भाकियू से प्रधान गुरदयाल सिंह, कच्चा आढ़ती एसोसिएशन प्रधान मा. रघुवीर सिंह, जगतार सिंह, हरिसिंह डांगरा ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान लगातार 103 दिन से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार सुनवाई नहीं कर रही। कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ 10 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है, जिस पर वोटिंग करवाई जाएगी। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने की मांग को लेकर वे विधायक के घर आए हैं।
हमने एक लाख वोटों से जिताया है, अब हमें एक वोट दे बबली
किसानों ने विधायक बबली के भाई विनोद के समक्ष किसान नेताओं ने झोली फैलाकर हाथ जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने एक लाख से अधिक वोट देकर विधायक को जिताया है। अब देवेंद्र बबली अपना एक वोट अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में दे दें ताकि किसानों की जीत हो सके। किसान नेताओं से जब विधायक के भाई ने चाय पीकर जाने की बात कही तो किसानों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करके बबली उनकी खेती बचा ले, इसके बाद वे चाय के साथ खाना भी खाकर जाएंगे।
रतिया विधायक के बेटे को सौंपा ज्ञापन
खेती बचाओ संघर्ष समिति व अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के हक में मतदान को लेकर रतिया के विधायक के नाम उनके बेटे को ज्ञापन सौंपा। सुबह अजीतसर गुरुद्वारे में किसान एकत्रित हुए। खेती बचाओ संघर्ष समिति के नेता राजविंदर सिंह चहल, पूर्व सरपंच दरिया सिंह, राकेश कंबोज, जसपाल सिंह, पूर्व जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल, मंगतराम सहनाल व सेवा सिंह ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से विधायक को सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए कहा गया है। चेतावनी भी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं करेंगे तो इस निर्वाचन क्षेत्र म ें जनता सबक सिखाने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि 100 दिन से ज्यादा आंदोलन चल चुका है। करीब 300 किसान शहीद हो चुके हैं, फिर भी सरकार हठधर्मिता पर अड़ी हुई है। इसलिए प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार गिरनी बहुत जरूरी है ताकि केंद्र सरकार को करारा सबक मिल सके। इस मौके पर गुरचरण सिंह, तरसेम सिंह, मिलख राज, बलराज सिंह, प्रीतपाल सिंह, साधुसिंह, अमरजीत औलख सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।