नागरिक अस्पताल में ई उपचार सर्वर 25 दिनों बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल में मैनुअल ही पर्चियां काटी जा रही है। पर्ची काटने में पहले एक से दो मिनट का समय लगता था, अब पांच से 10 मिनट लग रहे हैं। अस्पताल स्टाफ को मैनुअल ही रिकॉर्ड रजिस्टर में चढ़ाना पड़ रहा है और मैनुअल ही पर्ची काटकर देनी पड़ रही है।
पर्ची कटवाने के लिए मरीजों को 30 से 45 मिनट तक लाइनों में लगना पड़ रहा है। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए एक घंटे का इंतजार और फिर टेस्ट करवाने और रिपोर्ट लेने के लिए ढाई घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीज को सरकारी अस्पताल में दवाई लेने के लिए दो दिन तक चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का ई उपचार सर्वर शुरू करने के पीछे मुख्य लक्ष्य ये था कि मरीज को अपने उपचार से संबंधित डाटा लेकर घूमना न पड़े। मरीज के टेस्ट, दवा तक का रिकॉर्ड ई उपचार सर्वर में दर्ज होता है। डॉक्टर एक क्लिक पर रिपोर्ट देख सकता है। लेकिन ई उपचार सर्वर बंद होने के कारण मरीज का रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पा रहा है।
लापरवाही : पांच माह पहले खराब हुआ यूपीएस नहीं करवाया ठीक
नागरिक अस्पताल में ई उपचार सर्वर को चलाने के लिए सर्वर कक्ष में दो यूपीएस लगाए गए थे। एक यूपीएस करीब पांच माह पहले खराब हो गया था। इस यूपीएस को स्वास्थ्य विभाग ने ठीक नहीं करवाया। अब हालात ये हो गए कि दूसरा यूपीएस भी खराब हो गया। इसके चलते ई उपचार सर्वर पूरी तरह से बंद हो गया है। 25 दिनों से ई उपचार सर्वर बंद पड़ा है।
अस्पताल में रोजाना होती है 600 तक ओपीडी
नागरिक अस्पताल में महिला रोग, दंत रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, मनोचिकित्सक, टीबी रोग, शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी होती है। रोजाना ओपीडी करीब 600 से 650 तक होती है। ई उपचार सर्वर बंद होने के चलते अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ी हुई है।
कोट
कंपनी को इस संबंध में लिखा गया है। कंपनी ने ही इसे ठीक करना है। ये समस्या कई जिलों में है। उम्मीद है जल्द ई उपचार सर्वर शुरू हो जाएगा।
- वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।
नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी महिलाओं की भीड़।- फोटो : Fatehabad