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संकट में अपने: भारतीय छात्रों को यूक्रेनी सैनिकों ने पीटा, एक छात्रा का हाथ तोड़ा, फायरिंग भी की, दूतावास ने नहीं उठाया फोन

Sun, 27 Feb 2022 08:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

एक छात्रा ने अपना नाम न बताने की शर्त पर ये सब बताया। उन्होंने कहा कि पोलैंड बॉर्डर पर पहुंचे भारतीय स्टूडेंट्स को पीटा गया और डराने के लिए फायर तक भी किए गए। आरोप है कि सैनिक ने कहा कि भारत हमारी मदद नहीं कर रहा तो हम आपका साथ क्यों दे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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यूक्रेन में भारतीय विद्यार्थियों पर अब एक नया संकट छा गया है। पोलैंड देश की सीमा पर तैनात यूक्रेनी सेना के कुछ जवानों पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय स्टूडेंट्स के एक दल को जबरन रोकते हुए उनकाे पीटा और डराया धमकाया। घटना का शिकार हुए छात्रों की यूक्रेन में ही मौजूद एक सहपाठी ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी है कि उनकी यूनिवर्सिटी से एक भारतीय छात्रों के एक दल के साथ ये सब किया गया है। 

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आरोप यह भी है कि बॉर्डर पर भारतीय स्टूडेंट्स के साथ यूक्रेनी सैनिकों ने मारपीट कर एक छात्रा का हाथ तोड़ दिया है जबकि डराने के लिए फायर भी किए। आरोपों के अनुसार हमला करने वाले यूक्रेनी सैनिकों ने स्टूडेंट्स से कहा कि आपकी भारत सरकार यूक्रेन का साथ नहीं दे रही है, इसलिए हम लोग आपका सहयोग क्यों करें।

इस तरह के आरोपों के साथ हुई इस घटना के बाद पोलैंड बॉर्डर जाने के लिए जा रहे सभी भारतीय अब रोमानिया व अन्य देश के बॉर्डर की ओर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। पोलैंड बॉर्डर तक जाने के लिए यूक्रेनी बॉर्डर पार करना ही भारतीयों के लिए मुश्किल हो गया है। पोलैंड बॉर्डर की ओर से मदद के लिए भारतीय दूतावास में फोन नहीं उठाए जाने का आरोप भी भारतीय स्टूडेंट्स ने लगाया है।
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पोलैंड बॉर्डर तक जाने में हो रही परेशानी को लेकर एक भारतीय छात्रा ने वीडियो भी शेयर करते हुए ट्विटर पर भारत सरकार की अथॉरिटी को टैग किया है और जल्द से जल्द मदद पहुंचाने की मांग की है। 
 
अपने सहपाठियों के साथ हुई घटना के बाद बॉर्डर के लिए नहीं निकले
नाम न छापने की शर्त पर घटना के बारे में जानकारी देने वाली भारतीय छात्रा ने बताया कि उनके सहपाठियों के दल पर यूक्रेनी सैनिकों द्वारा हमला किए जाने की इस घटना के बाद हमने अपने आप को यहीं यूनिवर्सिटी कैंपस के नजदीक ही कैद कर लिया है। बाकी स्टूडेंट्स व भारतीय यहां से अब पोलैंड बॉर्डर के लिए तब तक जाने को तैयार नहीं जब तक बॉर्डर तक जाने के लिए सुरक्षा की गारंटी और पहुंचने के बाद मदद मिलना सुनिश्चित नहीं होता। 
 
बॉर्डर पर भी हालात खराब
भारत सरकार ने यूक्रेन के साथ लगते देश पोलैंड, हंगरी, रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचने के बाद मदद के दावे किए हैं। लेकिन असल में यहां बॉर्डर पर भारतीय को उचित मदद मिल नहीं पा रही है। कई किलोमीटर पैदल चलने के बाद भूखे-प्यासे भारतीयों के लिए इन देशों के बॉर्डर पर खाने-पीने और ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। माइनस चार डिग्री तापमान में कड़ाके की ठंड में बुरे हालात के बीच भारतीय बॉर्डर पर यहां वहां भटक रहे हैं।

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