पांच लाख रुपये कर्ज लेकर भेजा था विदेश
अंकित के भाई रघुबीर ने बताया कि उनके पिता राजमिस्त्री हैं। पिता ने पांच लाख रुपये कर्ज लेकर भाई को विदेश भेजा था। उम्मीद थी कि बेटा आर्थिक मदद करेगा, लेकिन अब मकान का निर्माण अधूरा है। विजय के भाई सुनील का कहना है कि गांव के कुछ लड़के पहले भी रूस जा चुके हैं। विजय सीएससी चलाता था और जून में ही रूस गया था, लेकिन वहां जाकर वह फंस गया है।
अब सरकार के हाथ में है सब कुछ
रघुबीर ने कहा भाई अंकित का अंतिम मैसेज यही आया था कि ये लोग हमें आगे लेकर जा रहे हैं। सरकार से प्रार्थना है कि मदद करें। सीएम सैनी से दो बार मिल चुके हैं। सीएम को कहा है कि वह स्टडी वीजा पर गए हैं, डंकी रूट के जरिये नहीं। उनके साथ जो हालात बने हैं वह उन्हें ही पता है। केंद्र और प्रदेश सरकार के हाथ में सब कुछ है। बच्चों की गलती है कि वे लालच में आ गए। पीएम मोदी से प्रार्थना है कि वे बच्चों को वहां से निकलवाएं। मदद के लिए वे विदेश मंत्रालय, की एंबेसी भी जा चुके हैं।
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