फतेहाबाद। हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहा कैदी पैरोल पर आने के बाद दोबारा जेल में नहीं पहुंचा। इस मामले में उसके खिलाफ शहर थाना में केस दर्ज किया था और पांच साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। अब पैरोल जंपिंग के मामले में फतेहाबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबरदीप सिंह की अदालत ने उसे दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर थाना पुलिस फतेहाबाद ने आठ जुलाई 2017 को डीसी कॉलोनी निवासी बलविंद्र उर्फ बिल्ला के खिलाफ पैरोल एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में सिरसा जेल के तत्कालीन अधीक्षक अमित कुमार भादू ने बताया था कि बलविंद्र उर्फ बिल्ला के खिलाफ 22 नवंबर 2009 को हत्या व अन्य संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था और अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
बलविंद्र उर्फ बिल्ला को सिरसा जेल में भेजा गया था। 21 जून 2017 को उसे दो सप्ताह की फरलो पर जेल से निकाला गया था, लेकिन वह वापस जेल नहीं आया। पुलिस ने बलविंद्र उर्फ बिल्ला के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसकी तलाश आरंभ कर दी थी। उसे पुलिस ने 22 जुलाई 2022 को गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ पैरोल एक्ट का मुकदमा फतेहाबाद की सीजेएम अदालत में चल रहा था। अदालत ने उसे दोषी करार दिया था और अब उसे दो साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।