पानी में गिरने के बाद स्याही मिटे हुए नोट।
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नई करेंसी के पांच-पांच सौ के दो नोट एक खेती हर मजदूर खेत में पानी के नाले में गिर गए। जब उसने नाले से नोटों को उठाया तो दोनों नोटों की स्याही खत्म हो गई। इसके बाद किसान स्टेट बैंक आफ पटियाला भूना में दोनों नोट जमा कराने गया तो बैंक ने नोट लेने से इंकार कर दिया। उसने एक के बाद एक चार बैंकों में नोट जमा करवाने की कोशिश की, लेकिन किसी भी बैंक ने नोट जमा नहीं किए।
भूना के वार्ड नंबर 12 निवासी खेतीहर मजदूर संदीप कुमार ने बताया कि बुधवार को वह खेत में पानी लगा रहा था। इस दौरान ऊपर की जेब में रखे पांच-पांच सौ के दो नोट नाले में गिर गए। उसने दोनों नोट निकालकर देखा तो महात्मा गांधी की तस्वीर और व अन्य नोट की स्याही मिट गई। नोटों को धूप में रखा तो नोट सफेद हो गए। हालांकि, दोनों नोट असली हैं। इसकी पुष्टि बैंक भी कर रहा है, लेकिन नोट जमा करने के लिए कोई भी बैंक तैयार नहीं है।
क्या कहते हैं बैंक प्रबंधक
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के प्रबंधक राजबीर सिंह राठौर ने बताया कि संदीप बुधवार को कैशियर के पास नोट लेकर आया था जो पानी में धुले हुए थे। लेकिन लगता है नोट वाशिंग मशीन में कपड़ों के साथ गलती से धुल गए। नई करंसी के दोनों नोट जमा करने के लिए हिसार संपर्ककिया गया है। आदेश मिले तो दोनों नोट बैंक में ले लिए जाएंगे।