शुक्रवार सुबह बैंक कर्मचारी ने जब दीवार तथा एटीएम मशीन का दरवाजा
टूटा देखा तो उसके होश उड़ गए। उसने फौरन इसकी सूचना बैंक के उच्च
अधिकारियों और पुलिस को दी। जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बैंक
अधिकारी, सिटी थाना प्रभारी दिनेश कुमार, सीन आफ क्राइम की टीम मौके पर
पहुंची। जांच में पता चला कि एटीएम मशीन में रखे 4 लाख 60 हजार रुपये
सुरक्षित हैं।
वारदात के बाद फिर से सवाल खड़ा हो गया है कि बैंक और जिला प्रशासन एटीएम सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है।
मनोहर मेमोरियल कॉलेज के बाहर पंजाब नैशनल बैंक की शाखा है।
जिसमें
एटीएम कक्ष भी बना हुआ है। वीरवार शाम को गार्ड न होने के कारण बैंक
कर्मचारी एटीएम कक्ष को शाम 6 बजे ही बंद करके चला गया। देर रात बदमाश
कॉलेज की दीवार फांदकर अंदर घुसे और पीछे से दीवार को तोड़ कर अंदर घुस आए।
सबसे पहले तोड़े सीसीटीवी कैमरे
सबसे पहले बदमाशों ने
सीसीटीवी कैमरे को तोड़ा। इसके बाद एटीएम मशीन के मेन दरवाजे तथा पैसे
निकालने वाली जगह को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन किन्हीं कारणों से बदमाश
अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।
ब्रांच मैनेजर के अनुसार
बदमाशों ने आग से दीवार पर लगी प्लाई को भी जलाने का प्रयास किया। शुक्रवार
सुबह आठ बजे जब बैंक कर्मचारी नारायण ने एटीएम का शट्टर खोला तो वह दंग रह
गया।
एटीएम का दरवाजा टूटा हुआ था। पीछे दीवार में भी सेंध लगी
हुई थी। उसने फौरन बैंक अधिकारियों को मामले की सूचना दी। मौके पर पहुंचे
बैंक अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
जांच की तो एटीएम मशीन
में रखे 4 लाख 60 हजार रुपये सुरक्षित थे। बैंक मैनेजर जितेन्द्र कुमार के
अनुसार 21 तारीख को एटीएम में साढे़ 6 लाख रुपये डाले गए थे।
खराब थे कैमरे, बदमाशों तक कैसे पहुंचेगी पुलिस
जिस
एटीएम कक्ष में बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया उसके सीसीटीवी कैमरे ही
काफी दिनों से खराब थे। अब पुलिस के सामने बदमाशों की पहचान कर पाना
मुश्किल है।
बैंक अधिकारियों के अनुसार एटीएम में लगे कैमरे में
होने वाली ऑनलाइन रिकार्डिंग को निकालने का प्रयास किया जाएगा। यूं तो मॉडल
टाऊन में कोठियों में कैमरे लगे हुए हैं लेकिन उसमें फुटेज मिल पाना
मुश्किल है।
गारे से बनी थी दीवार, आसानी से तोड़ डाली
बैंक
प्रशासन की एक बार फिर सबसे बड़ी लापरवाही देखने का मिली है। जिस एटीएम
कक्ष में मशीन रखी गई है उसकी दीवार गारे से बनी हुई है। जिसे बदमाशों ने
बड़ी आसानी से तोड़ा और फिर अंदर घुसे।
नियम के अनुसार बैंक की दीवारें मजबूत होनी चाहिए लेकिन यहां पर कोई भी नियम पूरा नहीं था।
कपड़े से साफ कर डाले सभी फिंगर प्रिंट
एटीएम
कक्ष में बदमाशों ने फर्श तथा एटीएम मशीन पर आए फ्रिगर प्रिंट को कपड़े से
साफ कर दिया। वारदात के बाद पहुंची सीन आफ क्राइम की टीम ने मौके से कपड़े
को मौके से बरामद कर कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
पहले भी हो चुकी हैं दो वारदातें
फतेहाबाद
शहर तथा गांव गोरखपुर में एटीएम मशीन उखाड़ने की दो वारदातें हो चुकी हैं।
वर्ष 2014 के दिसंबर माह में बदमाश गांव गोरखपुर से टाटा इंडिकॉम के एटीएम
मशीन को उखाड़ ले गए थे जिसमें एक लाख रुपये भी थे।
इससे पहले
वर्ष 2014 के जुलाई माह में फतेहाबाद के डीएसपी रोड पर सेंट्रल बैंक के लगे
एटीएम मशीन को उखाड़ कर ले गए थे जिसमें लगभग डेढ़ लाख रुपये थे।
प्राइवेट बैंक को छोड़कर सरकारी बैंकों में नहीं सिक्योरिटी गार्ड
शहर
फतेहाबाद के प्राइवेट बैंकों को छोड़कर ज्यादातर सरकारी बैंकों के एटीएम
कक्षों में सिक्योरिटी गार्ड ही नहीं है। जिसके चलते रात आठ बजे के बाद सभी
एटीएम कक्षों को बंद कर दिया जाता है।
बैंक शाखा प्रबंधक भी इसी बात से परेशान हैं कि उनके पास सिक्योरिटी गार्ड रखने की पावर नहीं है।