जिसे दुरुस्त करने के लिए बिजलीकर्मी रविवार की दोपहर तक जद्दोजहद करते
रहे। वहीं दूसरी ओर मानसून शुरू होने से पहले आई बरसात ने प्रशासन के
दावों की भी पोल खोल दी है।
शहर में कई जगह पानी भर गया है तथा
सीवर भी ओवरफ्लो हो गए हैं। मौसम में आए परिवर्तन से लोगों को जहां परेशानी
हुई है वहीं गर्मी से भी काफी राहत मिली है शनिवार को 12 बजे से पहले जहंा
तापमान 42 डिग्री था वह कम होकर शनिवार दोपहर बाद 35 डिग्री पर आ गया।
शनिवार रात को हुई बरसात के बाद रविवार को तापमान में फिर गिरावट आई और तापमान रविवार को 30.6 डिग्री नोट किया गया।
शनिवार
रात को एक बजे के लगभग तेज हवाएं चली जिस कारण बाल भवन के पास वृक्ष के
टहने टूट कर बिजली तारों पर गिर गए तथा सिरसा रोड़ पर भी पोल टूट गए वहीं
जवाहर चौक में केबल जल गई। जिस कारण पूरे शहर की विद्युत सप्लाई बाधित हो
गई।
सड़कों पर भरा पानी
अभी मानसून शुरू नहीं हुआ है और
उससे पहले आई प्री मानसून की बारिश ने फतेहाबाद प्रशासन के दावों की पोल
खोल के रख दी है। शनिवार रात को आई बरसात से भट्टूरोड से लालबती चौक, सिरसा
रोड, जवाहर चौक, बीघड़ चौक के आस-पास कई एरियों में पानी भर गया।
लालबत्ती
चौक से पहले भट्टूरोड पर हालात ऐसे हैं कि कोई दुर्घटना का शिकार हो सकता
है। भट्टू रोड पर कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं जो बरसात के बाद और भयंकर
हो गए हैं इन गड्ढ़ों में पानी भरने के कारण दोपहिया वाहन चालक दुर्घटना का
शिकार बन सकते हैं।
खुले में भीग रहा है गेहूं
सिरसा रोड
पर बने गेहूं के गोदाम में रखे गेहूं को ढंकने के लिए तिरपाल की कोई
व्यवस्था नहीं है और हजारों टन गेहूं बारिश में भीग गया। रविवार को देखने
में आया कि आसमान में बादल छाए हुए थे और गेहूं के ढेर नंगे पड़े थे उन्हें
बारिश से बचाने के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं थी।
हल्की बारिश से सड़कों पर पानी भरा
भट्टूकलां।
एक दिन पहले हुई हल्की बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी है। आलम
यह हैं कि बारिश के पानी से भट्टूकलां की कई सड़के जलमग्न हो गई हैं।
जिससे आम लोगों व वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही
है।
भट्टूमंडी में पानी निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण
अक्सर बरसात के मौसम मेें सड़के पानी से भर जाती है। शनिवार को हुई बरसात
से यहां फतेहाबाद मार्ग, आदमपुर व हिसार मार्ग करीब एक फुट से भी अधिक पानी
जमा हो गया है। सड़कों पर कई जगह बने गड्ढों में पानी भरने से वाहन फंस कर
बंद हो जाते हैं। वहीं यह बरसात किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इससे
पहले गर्मी से झुलस रहे फसलों के पौधों को अब बरसात होने से राहत मिली है।
बारिश के पानी की निकासी की मांग
टोहाना।
बारिश के पानी की निकासी न होने से जमालपुर व रतिया रोड पर दुकानदाराें को
भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों ने मांग किया है कि
बारिश के पानी की निकासी का उचित प्रबंध किया जाए। ताकि इस समस्या से निजात
मिल सके।
दुकानदार रमेश, महेश, सुनील, मनीष ने बताया कि प्रशासन
द्वारा पानी के निकासी के प्रबंध करने की बजाय सड़क को लगभग तीन फुट उंचा
उठा दिया। उसके बावजूद भी पानी की निकासी न होने पर थोड़ी सी बरसात आने के
बाद भी पानी रोड पर जमा हो जाता है।
जिससे जहां दुकानदारों को
परेशानियां झेलनी पड़ती है वहीं राहगीरों को भी रोड से दूभर हो जाता है,
क्योंकि कई बार यहां पानी खड़ा होने से कई बार हादसे हो चुके हैं। पानी की
निकासी न होने के कारण मच्छर मंढराते हैं जिससे बिमारियां फैलने का भय बना
रहता है।