पिछले तीन-चार दिनोें से पारा चढ़ रहा था तथा गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखा रही थी। गर्मी के कारण लोगों के पसीने भी छूट रहे थे।
शनिवार सुबह बिजली ने धोखा दिया और सुबह से बत्ती भी गुल थी लेकिन शहरवासियों पर इंद्रदेवता मेहरबान हुए और दोपहर साढ़े बारह बजे मौसम का मिजाज बदला और एक बजे तेज हवाओं के साथ आंधी चली। 15 मिनट तक चली आंधी के बाद हल्की बूंदा-बांदी शुरू हुई और जो धीरे-धीरे मूसलाधार बारिश में बदल गई।
बारिश लगातार 15 मिनट तक चली और रुक गई उसके बाद दोपहर 2 बजे फिर बारिश शुरू हुई और 10 मिनट तक चलती रही। बारिश रुकने के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे जिस कारण मौसम खुशनुमा बना रहा।
सुबह एक बजे तक जहां तापमान 42 डिग्री था बरसात होने के बाद तापमान सात डिग्री तक नीचे चला गया। बरसात के बाद तापमान शाम को 35 डिग्री नोट किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फतेहाबाद में 7 एमएम बरसात दर्ज की गई है।
बच्चों ने उठाया बारिश का लुत्फ
शनिवार को हुई बरसात का बच्चों ने खूब आंनद उठाया। दोपहर को बच्चे पपीहा पार्क व घरों के आस-पास बरसात का आंनद लेते देखे गए।
सोने से कम नहीं बरसात
किसानों के लिए बरसात सोने से कम नहीं मानी जा रही। किसान बरसात को लेकर प्रफुल्ल्ति है। शनिवार की बरसात के बाद किसानों की सूखी पड़ी जमीन पानी से लबालब हो गई। अहलीसदर के किसान रामकृष्ण ने बताया कि वह रविवार को धान की रोपाई शुरू कर देगा। अगर एक और बरसात और आती है तो जिले में धान की रोपाई कार्य तेज हो जाएगा।
भट्टूकलां व आसपास के क्षेत्र में शनिवार को बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई। जिससे लोगों ने गर्मी से राहत लेते हुए खुशनुमा मौसम का अहसास लिया। राजस्थान सीमा से सटे होने के चलते पिछले तीन दिनों से काफी गर्मी से जूझ रहा था। इस बारिश ने क्षेत्र वासियों को धूल भरी आंधी व गर्मी से राहत प्रदान की है।
किसान राजेन्द्र, रामकुमार, महेन्द्र, अनूप, रामकिशन सहित अनेक लोगों ने कहा कि इस मौसम में बारिश की बड़ी जरूरत थी। लेकिन इस बरसात के बाद अब उनके नरमे व कपास की फसलें गर्मी के मौसम में चलने वाली लू से बचेंगी।
कुलां में तेज आंधी के बाद आई वर्षा से तपती गर्मी से लोगों को राहत मिली। तपती दोपहर में अचानक ही तेज आंधी ने जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया।
जिससे कई जगह बिजली आपूर्ति में बाधा आई और सड़क व नहर किनारे वृक्ष के तने गिर गए। आंधी रुकने के बाद आसमान में काली घटा उमड़ कर बरसने से लोगों ने गर्मी से राहत मिली।
वर्षा से कपास, ज्वार व सब्जी की फसलों को लाभ हुआ है। धान रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों को भी वर्षा से लाभ मिला है।