फतेहाबाद। लड़कों के बराबर बेटियों को दर्जा आज भी नहीं मिल पा रहा है। गर्भ में लिंग जांच को लेकर आज भी कई गिरोह सक्रिय हैं। ये ही सबसे बड़ा कारण है कि जिले में लिंगानुपात बिगड़ रहा है। तीन साल बाद 2021 में फिर लिंगानुपात 900 से भी कम रहा है।
यहां पर एक हजार लड़कों के पीछे 898 बेटियों ने जन्म लिया है। जबकि 2020 में एक हजार लड़कों के पीछे 939 लड़कियों और 2019 में 922 बेटियों ने जन्म लिया था। लेकिन इस बार एक हजार लड़कों के मुकाबले 102 लड़कियां कम जन्मी है। इससे पहले वर्ष 2018 में जिले का लिंगानुपात कम रहा था, तब जिले का लिंगानुपात 893 था। स्वास्थ्य विभाग अब गांव और शहरी स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है, कहां पर सबसे कम बेटियां जन्मी है और कारण क्या है। संवाद
वर्ष 2021 के दिसंबर माह में सबसे ज्यादा जन्मी लड़कियां
माह लड़के लड़कियां लिंगानुपात
जनवरी 778 687 883
फरवरी 689 590 856
मार्च 607 519 855
अप्रैल 620 541 872
मई 572 476 832
जून 652 565 866
जुलाई 699 607 868
अगस्त 926 878 948
सितंबर 1017 924 908
अक्टूबर 935 880 941
नवंबर 855 759 887
दिसंबर 866 852 983
जिले का सात साल का ये रहा लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2015 894
2016 923
2017 912
2018 893
2019 922
2020 939
2021 898
यूपी और पंजाब का लिंग जांच गिरोह यहां सक्रिय
जिले में लिंग जांच को लेकर बेशक सख्ती है, अल्ट्रासाउंड सेंटरों की समय-समय पर जांच होती है। लेकिन यहां पर यूपी और पंजाब के लिंग जांच गिरोह लिंगानुपात को बिगाड़ रहे हैं। पिछले साल स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने यूपी और पंजाब के कई जिलों में रेड करके गिरोह का पर्दाफाश किया है। इन गिरोह के यहां पर सदस्य है जो कि लिंग जांच के लिए गर्भवती को यूपी और पंजाब में ले जाते हैं।
कोट
जिले का लिंगानुपात इस बार 898 रहा है, जो कि पिछले 2019 और 2020 के मुकाबले कम है। लिंगानुपात को लेकर समीक्षा की जा रही है। गांव और शहरी स्तर पर समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम पंजाब और यूपी में जाकर लिंग जांच कई गिरोह को पकड़ चुकी है। लोगों से भी अपील है कि उनके पास लिंग जांच को लेकर कोई सूचना है तो वह विभाग का दें।
- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन
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