सरपंच दलबीर सिंह ने बताया कि दो तीन दिन से जलघर में नहरी पानी की सप्लाई रुक गई थी। जिस कारण पानी का स्तर कम होता गया। उन्होंने बताया कि अब जब जलस्तर काफी कम हो गया तो पानी की कमी के चलते तथा धूप लगने से यहां पल रही मछलियां मरने लगीं।
फतेहाबाद के साथ लगते गांव मताना में जलघर के अंदर हजारों की संख्या में मछलियां मर गई। मछलियां मरने से पूरे जलघर का पानी दूषित हो गया और आसपास के इलाके में दुर्गंध फैल गई। जिसके बाद पंचायत द्वारा ऐहतियातन गांव में पेयजल सप्लाई बंद करवा दी गई और मनरेगा मजदूरों व ग्रामीणों की सहायता से मछलियों को बाहर निकलवाकर दफना दिया। गांव में पेयजल सप्लाई बंद करने से अब गांव में पानी का संकट भी गहरा गया है। उधर प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई है।
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मताना के सरपंच दलबीर सिंह ने बताया कि दो तीन दिन से जलघर में नहरी पानी की सप्लाई रुक गई थी। जिस कारण पानी का स्तर कम होता गया। उन्होंने बताया कि अब जब जलस्तर काफी कम हो गया तो पानी की कमी के चलते तथा धूप लगने से यहां पल रही मछलियां मरने लगीं। एक-दो दिनों से जब यहां दुर्गंध आना शुरू हुई तो लोगों ने उन्हें सूचना दी। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि तलहटी में हजारों की संख्या में मछलियां मरी पड़ी थी।
यह मछलियां पानी को साफ रखने और जलघर की काई खाने के लिए पाली गई थी। मछलियां मरने से पूरा पानी दूषित हो गया और महामारी न फैल जाए, इसलिए पानी सप्लाई फिल्हाल रोक दी है। अभी ग्रामीण अपने स्तर पर पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। प्रशासन को अब डिग्गी की पूरी तरह खाली करवाकर इसकी सफाई करवाने की मांग रखी है, ताकि कोई महामारी न पनपे। मरी मछलियों को निकलवाकर दबवा दिया गया है।