फतेहाबाद। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में जितना ज्यादा पानी पीएंगे शरीर उतना ज्यादा स्वस्थ रहेगा। लेकिन ये संभव तब होगा जब आप शुद्ध पानी पीएंगे। अगर अशुद्ध पानी पीते हैं तो बीमार पड़ सकते हैं। जानकर हैरानी होगी कि जिले में कई जगहों पर घरों में जो पानी की सप्लाई हो रही है वह शुद्ध नहीं है। जनस्वास्थ्य विभाग की जिला लैब में पानी के 357 केमिकल टेस्ट किए गए, उसमें 9 ट्यूबवेल के पानी का सैंपल फेल मिला है। विभाग ने प्री मानसून और मानसून के बाद पानी के सैंपल लेकर जांच की थी, इसमें 9 ट्यूबवेल के पानी के सैंपल फेल मिले हैं। विभाग ने इन ट्यूबवेलों को बंद करवा दिया है।
इसके अलावा लैब में 1 अप्रैल 2021 से लेकर 28 फरवरी 2022 तक पानी के 3258 सैंपलों की बैक्टीरियालॉजिकल टेस्ट किए गए, इसमें 253 सैंपल फेल मिले हैं। पानी में बैक्टीरिया की मात्रा सही नहीं मिली है। बैक्टीरिया ज्यादा होने के कारण बीमारी फैलने का खतरा रहता है। बता दें कि जनस्वास्थ्य विभाग पानी की केमिकल जांच में इसकी गुणवत्ता जांचता है, इसमें जांचा जाता है कि जो सप्लाई पानी हो रहा है वह पीने लायक है या नहीं। पानी में टीडीएस, पानी का भारीपन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट, फ्लोराइड, नाइट्रेड और पीएच आदि की मात्रा की जांच होती है। इसके अलावा बैक्टीरियालॉजिकल जांच में पानी में बैक्टीरिया की मात्रा जांची जाती है। संबंधित जगह पर पानी में बैक्टीरिया की मात्रा को सही करवाया जाता है। सैंपल फेल आने पर जनस्वास्थ्य विभाग पांच से छह दिन बाद दोबारा सैंपल करवाता है। संवाद
250 रुपये देकर करवा सकते हैं पानी की जांच
जनस्वास्थ्य विभाग की जिला लैब में कोई भी पानी की जांच करवा सकता है। घर या ट्यूबवेल का पानी की जांच करवानी है तो इसके लिए पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इसके लिए 250 रुपये का भुगतान भी करना होगा। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित जगह के पानी का सैंपल लेकर जांच करेगी।
दूषित पानी पीने से हो सकता है नुकसान
नागरिक अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि दूषित पानी कई बीमारियों का कारण है। इससे सबसे ज्यादा पेट संबंधित बीमारियां होती हैं। पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया से डायरिया होने की खतरा रहता है। डायरिया से पीड़ित मरीजों के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। दूषित पानी पीने से पेट में इंफेक्शन, उल्टी, दस्त की समस्या होती है। पेयजल में मानक से बहुत ज्यादा बैक्टीरिया शरीर के लिए हानिकारक है। गर्मी के मौसम में पानी जांच बेहद जरूरी है।
जिले में पेयजल सप्लाई की ये है स्थिति
जिले में गांव :260
जिले में पंचायतें : 301
जिले में घरों की संख्या : 1 लाख 40 हजार 802
पानी के कनेक्शन : 96 हजार 233
ढाणियां जहां नहीं हो रही पानी सप्लाई : 27500
कोट
जनस्वास्थ्य विभाग की जिला लैब की टीम समय-समय पर फील्ड में जाकर पानी के सैंपल लेती है। प्री मानसून और मानसून के बाद पानी के सैंपल लिए जाते है। अगर कोई भी सैंपल फेल मिलता है तो उसकी रीसैंपलिंग होती है। कोई भी व्यक्ति लैब में आकर पानी की जांच करवा सकता है।
-कंचन बिश्रोई, केमिस्ट, जिला लैब, जनस्वास्थ्य विभाग