फतेहाबाद। दिवाली की रात को जिले में बड़े स्तर पर पराली जलाने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने निगरानी के लिए गठित टीम को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। अब तक जिले में 90 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, मंगलवार को पूरे दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरे के निशान से बेहद नीचे रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एप के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे से लेकर शाम को 6 बजे तक एक्यूआई सूचकांक 146 से लेकर 149 के बीच ही रहा। एक्यूआई 200 से अधिक होने पर नुकसानदायक स्थिति होती है। 300 से पार होने पर तो सांस लेने में भी तकलीफ शुरू हो जाती है।
जिले में पराली जलाने पर लगी है पूर्ण पाबंदी
जिलाधीश महावीर कौशिक ने दंड प्रक्रिया नियमावाली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत आदेश पारित करके जिले में धान की फसल की कटाई के बाद बचे अवशेष/भूसे को जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह आदेश 20 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 188 संपठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रक अधिनियम 1981 के तहत दंड का भागी होगा। प्रशासन ने मॉनिटरिंग के लिए टीमों का भी गठन किया हुआ है।
यह है वायु गुणवत्ता सूचकांक में नुकसान की स्थिति
0 से 50 : अच्छा
51 से 100 : संतोषजनक
101 से 200 : मध्यम
201 से 300 : खराब
301 से 400 : बहुत खराब
401 से 500 : गंभीर
समय - एक्यूआई
सुबह 6 बजे : 146
सुबह 7 बजे : 146
सुबह 8 बजे : 147
सुबह 9 बजे : 147
सुबह 10 बजे : 147
सुबह 11 बजे : 147
दोपहर 12 बजे : 148
दोपहर 1 बजे : 148
दोपहर 2 बजे : 148
दोपहर 3 बजे : 149
शाम 4 बजे : 148
शाम 5 बजे : 148
शाम 6 बजे : 149
कोट
जिले में पराली जलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई हुई है। हालांकि, पिछले साल की अपेक्षा इस बार पराली जलाने के केस कम आए हैं। फिर भी हमारी टीमें निगरानी करती रहेंगी।
महावीर कौशिक, उपायुक्त, फतेहाबाद