फतेहाबाद। कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों में अभी भी भ्रांतियां है। ढाई लाख लोग कोरोना टीकाकरण की दूसरी डोज लगवाने के लिए नहीं आ रहे हैं। ये ही नहीं 12 से 14 आयु वर्ग का टीकाकरण अभियान भी सिरे नहीं चढ़ रहा है। 15 से 17 आयु वर्ग के टीकाकरण में पहली डोज 38 हजार को लगी है जबकि दूसरी डोज मात्र 11 हजार को ही लगी है।
डॉक्टरों का कहना है कि टीकाकरण को लेकर लोगों में अभी भी भ्रांतियां हैं और ये ही कारण है कि लोग आगे नहीं आ रहे है। दो लाख लोगों की दूसरी डोज ड्यू हो चुकी है। खुद के साथ-साथ अब बच्चों को भी टीकाकरण के लिए आगे नहीं ला रहे। जबकि कोरोना टीकाकरण के कोई दुष्प्रभाव नहीं है। पहली डोज जिले में टीकाकरण के कारण ही कोरोना संक्रमण तीसरी लहर में ज्यादा असर नहीं हुआ है।
बुधवार को जिले में ये हुआ टीकाकरण
पात्र टीकाकरण
स्वास्थ्यकर्मी 5
फ्रंटलाइन वर्कर्स 1
60 साल से ऊपर 21
45 से 59 साल 18
18 से 44 साल 59
15 से 17 साल 32
12 से 14 साल 20
जिले में अब तक हुआ टीकाकरण
पहली डोज - 6 लाख 80 हजार
दूसरी डोज - 4 लाख 66 हजार
कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों में अभी भी भ्रांतियां है और डरते है। जबकि कई ऐसे उदाहरण है जिसमें टीकाकरण के कारण लोगों को फायदा हुआ है। टीकाकरण के कोई दुष्प्रभाव नहीं है। जब महामारी दस्तक देती है तब लोग जागते है और टीकाकरण के लिए आते है। अगर टीकाकरण करवाया हो तो संक्रमण से जीत हासिल की जा सकती है। लोगों से अपील है कि टीकाकरण के लिए आगे आएं और अपने पात्र बच्चों को भी वैक्सीन लगवाएं।
- डॉ. सुनीता सोखी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कोरोना टीकाकरण जरूरी है, जबकि लोग इसको लेकर लापरवाही बरत रहे है। तय समय में दूसरी डोज भी लगवानी चाहिए ताकि इम्युनिटी शरीर में बन पाएं, लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं दो से तीन माह बीतने के बाद भी दूसरी डोज नहीं लगवा रहे हैं। यहां तक कि 12 से 14 साल के बच्चों के टीकाकरण को लेकर भी आगे नहीं आ रहे है। जबकि कोरोना टीकाकरण के कोई दुष्प्रभाव नहीं है, इससे फायदा ही होगा।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन