फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच में शामिल नहीं हुई शिक्षिका, तीनों बच्चे भी नहीं आए स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
टोहाना क्षेत्र के एक स्कूल में 11वीं कक्षा के 40 विद्यार्थियों को मुर्गा बनाकर डंडों से पीटने के मामले में डीईओ द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी जांच के लिए पहुंची। मगर जांच में शिक्षिका शामिल नहीं हुई। न ही जांच कमेटी को पुलिस में शिकायत देने वाले तीनों बच्चे मिले।
विज्ञापन

हालांकि, डीईओ द्वारा पहले से ही टोहाना के बीईओ को बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों को कमेटी के सामने उपस्थित रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। मगर कमेटी सदस्य सिर्फ दो शिक्षकों व 11वीं कक्षा के 12 बच्चों के ही बयान ले सके। इस कारण जांच को पूरा नहीं किया जा सका। डीपीसी वेद दहिया के नेतृत्व में गई कमेटी ने डीईओ को स्थिति से अवगत करवा दिया। अब कोई अलग तिथि तय करके कमेटी को भेजा जाएगा। दरअसल, इस मामले में टोहाना के बीईओ मुकेश शर्मा द्वारा की गई जांच को शिक्षा विभाग ने अधूरा माना था। इसलिए बुधवार देर शाम को डीईओ दयानंद सिहाग ने जिला परियोजना समन्वयक वेद दहिया के नेतृत्व में जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया था।
इस कमेटी में डीपीसी वेद दहिया के अलावा डिप्टी डीईओ सत्यव्रत, भूना के बीईओ प्रदीप नरवाल, टोहाना बीईओ मुकेश शर्मा व प्रिंसिपल अंजू बाला को शामिल किया गया था। इस कमेटी को वीरवार शाम तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था। मगर जांच पूरी नहीं होने के कारण रिपोर्ट अधूरी रह गई।
विज्ञापन

मामले के बाद कक्षा में कम आ रहे विद्यार्थी
तीन शिक्षकों द्वारा बुरी तरह पिटाई करने के कारण विद्यार्थी अभी भी सहमे हुए हैं। इस कारण घटना के बाद से कम ही विद्यार्थी स्कूल पहुंच रहे हैं। वीरवार को कई जिला स्तरीय कमेटी को भी मात्र 12 विद्यार्थी ही कक्षा में मिले जबकि 11वीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 40 से ज्यादा है।
कोट
हमारी जिला स्तरीय कमेटी जांच के लिए टोहाना गई थी। मगर शिक्षिका जांच में शामिल नहीं हुई जबकि तीनों शिकायतकर्ता बच्चे भी नहीं मिले। इसलिए जांच अधूरी रह गई। अब अगली तारीख तय करके दोबारा जाएंगे।
विज्ञापन

वेद दहिया, डीपीसी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें