फतेहाबाद। स्वास्थ्य को लेकर चलाई जा रही योजनाओं का आमजन को कितना फायदा हो रहा है, का जायजा लेने के लिए सोमवार को कॉमन रिव्यू मिशन के तहत स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम नागरिक अस्पताल में पहुंची। टीम अस्पताल में करीब पांच घंटे तक रही। यहां पर टीम ने योजनाओं से संबंधित रिकॉर्ड जांचा। इमरजेंसी वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड में मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर फीडबैक लिया। ये ही नहीं केंद्र की 10 सदस्यीय टीम ने अस्पताल की फोटोग्राफी भी की।
टीम ने नागरिक अस्पताल में एक मरीज से पूछा कि यहां पर ऑपरेशन होते हैं या नहीं। इस पर मरीज ने कहा कि यहां डॉक्टर नहीं है। प्राथमिक उपचार बाद मरीज को रेफर कर दिया जाता है।
टीम को लेकर अस्पताल में अधिकारियों व कर्मचारियों में दिनभर हड़कंप की स्थिति रही। टीम सुबह करीब 10 बजे पहुंचे और दोपहर 2 बजे तक रही। टीम को एसएमओ डॉ. सुजाता बंसल, आरएमओ डॉ. सुभाष, जिला कोर्डिनेटर नरेंद्र खरब ने निरीक्षण करवाया और यहां चल रही स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी। टीम में डॉ. एनएस मिश्रा, डॉ.मंजू छुगानी, डॉ.अनंता कुमार, डॉ.दीक्षा, डॉ. विश्वराज, देवयानी प्रकाश, हरीश शर्मा, जयराम, पियुशा मजूमदार शामिल थे।
मरीज बोले- दो साल पहले ऑपरेशन होते थे लेकिन अब नहीं हो रहे
टीम ने नागरिक अस्पताल में एक मरीज से पूछा कि यहां पर ऑपरेशन होते है या नहीं। इस पर मरीज ने कहा कि यहां पर दो साल पहले ऑपरेशन होते थे लेकिन अब नहीं हो रहे है। ऑपरेशन करवाने के लिए मैंने धक्के खाए और आखिर में हिसार निजी अस्पताल में जाकर ऑपरेशन करवाना पड़ा। इसके अलावा एक अन्य मरीज ने टीम को बताया कि यहां चिकित्सक न होने के कारण प्राथमिक उपचार बाद रेफर कर दिया जाता है।
अभी तक ऑक्सीजन सप्लाई शुरू न होने पर नाराज दिखी टीम
टीम का निरीक्षण के दौरान टीकाकरण और कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियों पर फोकस रहा। टीम ने अस्पताल के अधिकारियों से ऑक्सीजन प्लांट के बारे में पूछा। इस पर अधिकारियों ने कहा कि प्लांट शुरू हो चुका है लेकिन सप्लाई अभी शुरू नहीं हुई है। इस पर टीम नाराज दिखी। इसके बाद टीम ने आईसीयू का भी निरीक्षण किया। आईसीयू अभी तक तैयार नहीं हुई है।
अफसरों से पूछा कर्मचारियों का मेडिकल रिकॉर्ड दिखाएं
टीम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधिकारियों से पूछा कि कर्मचारियों का हर साल मेडिकल चेकअप होता है या नहीं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि हर साल मेडिकल चेकअप होता है। टीम ने इसको लेकर भी रिकॉर्ड जांचा।
रेफर मरीज से पूछा, अब उपचार मिल रहा है या नहीं
टीम ने अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड का दो बार निरीक्षण किया। इसके अलावा कंगारू मदर केयर यूनिट और नर्सरी का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने जच्चा-बच्चा वार्ड में दाखिल प्रसूता से पूछा कि वह सीएचसी से रेफर होकर आई है तो यहां उपचार मिला। महिला ने कहा कि यहां उसे उपचार मिला है।
ऑपरेशन थियेटर का किया निरीक्षण, दवाइयों का रिकॉर्ड जांचा
टीम ने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर का भी निरीक्षण किया। यहां पर ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले औजारों के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा टीम ने दवाइयों का रिकॉर्ड भी जांचा।
12 नवंबर को भी आई थी टीम, टोहाना के अस्पताल का भी किया निरीक्षण
कॉमन रिव्यू मिशन के तहत केंद्र की टीम 12 नवंबर को आई थी। टीम ने पहले दिन अर्बन पीएचसी अशोक नगर, इसके बाद भट्टूकलां और भूना और रविवार को रतिया क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया था। सोमवार को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद टीम टोहाना के अस्पताल का निरीक्षण किया।