अस्पताल निदेशक डा सुभाष गुप्ता से उलझते बच्ची के परिजन।
टोहाना। शहर के चंडीगढ़ रोड स्थित आरएमसी अस्पताल में बच्ची के परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने यहां अस्पताल स्टाफ पर आईसीयू में भर्ती बच्ची को बदलने का आरोप लगाया हालांकि बाद में मामला गलतफहमी का बताया गया। पीड़ित परिवार ने शहर पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी।
कुलां निवासी रामफल की नवजात बच्ची को आरएमसी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। यहां चार बच्चे भर्ती हैं। रामफल जब रात में अपनी बच्ची को देखने के लिए गया तो उसने किसी और महिला को उसकी बच्ची को दूध पिलाते देखा। इसलिए उसने बच्चा बदलने का आरोप लगा दिया।
सूचना मिलने पर उसके परिजन और अन्य गांव वाले भी अस्पताल में पहुंच गए और हंगामा कर दिया। उनका आरोप था कि उनकी बच्ची को बदला जा रहा था। इसी कारण उनकी बच्ची को किसी और महिला को सौंप दिया गया जो उसे दूध पिला रही थी।
गलतफहमी से दूसरी बच्ची को दूध पिलाया
बच्चे को दूध पिला रही दूसरी महिला भी इस बात को नहीं जानती थी कि वह किसी और की बच्ची को दूध पिला रही है। बाद में आरएमसी अस्पताल प्रशासन ने उन्हें समझाया। बताया कि फीडिंग के लिए आवाज लगाने पर बच्ची की मां की जगह वहां भर्ती दूसरी बच्ची की मां पहुंच गई और उसने बच्ची को उठाकर दूध पिला दिया।
अस्पताल में कोई बच्चा नहीं बदला गया है। सिर्फ गलतफहमी हुई है। यह अस्पताल को बदनाम करने की साजिश है।
- डॉ. सुभाष गुप्ता, निदेशक आरएमसी अस्पताल, टोहाना।