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सालभर में प्राप्त शिकायतों के निवारण में जिले का रहा छठा रैंक

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फतेहाबाद। नए साल के साथ ही अब सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को निपटाने के लिए सभी विभागों के अफसरों को नई आदत डालनी होगी। सरकारी आंकड़ों में सीएम विंडो पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को निपटाने में फतेहाबाद जिले का प्रदेश भर में छठा रैंक है। मगर इस रैंक के पीछे असलियत की पोल इस रूप में खुलती दिखाई दे रही है कि कुछ लोगों ने सीएम विंडो का संचालन ही बंद करने की मांग कर दी है।
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ऐसे कई मामले डीसी फतेहाबाद की जानकारी में आए हैं, जिनमें अफसरों द्वारा भेजे गए जवाब से शिकायतकर्ता ही नहीं बल्कि सीएम विंडो के मुख्यालय के अधिकारी तक संतुष्ट नहीं हैं। एमिनेंट पर्सन के साथ सांठ गांठ करके या दूसरे तरीके अपनाकर सीएम विंडो की शिकायतों को बिना शिकायतकर्ता की संतुष्टि के निपटाने पर रोक लगाने के लिए डीसी प्रदीप कुमार ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी जारी कर दी है। डीसी प्रदीप कुमार के अनुसार उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों की बैठक लेकर आदेश दिए हैं कि सीएम विंडो पर प्राप्त कोई भी शिकायत उचित निवारण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना नहीं निपटाई जाएगी। शिकायत को लेकर अफसरों के मनमर्जी के जवाब भी अगर दर्ज पाए गए तो संबंधित विभाग के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। बता दें कि सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के साथ न्याय नहीं होने का आरोप काफी बार लग चुका है। संवाद
सालभर में कुल 8779 शिकायतें प्राप्त हुई, 94.35 प्रतिशत निपटाई
फतेहाबाद जिले में सीएम विंडों पर एक साल में कुल आठ हजार 779 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से आठ हजार 283 शिकायतों का निपटारा करते हुए इनको डिस्पोज ऑफ कर दिया गया। कुल 94.35 प्रतिशत शिकायतों का निपटारा करते हुए जिले का प्रदेश में छठा रैंक सीटीएम कार्यालय के अधिकारी बताते हैं।
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कोट
मेरी जानकारी में आया है कि सीएम विंडो पर दर्ज होने वाली काफी शिकायतों में अधिकारी मिलीभगत करके शिकायत को गलत ढंग से बंद करवाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यालय में जवाब जाने के बाद फीडबैक में भी इस बात की जानकारी मिली है। मैंने अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट आदेश दे दिए हैं कि सीएम विंडो की कोई भी शिकायत गलत या फर्जी रिपोर्ट से नहीं निपटाई जाएगी। अगर कोई अधिकारी ऐसा करता मिला तो सख्त कार्रवाई करूंगा।
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- प्रदीप कुमार, डीसी, फतेहाबाद
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