कोरोना महामारी की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां शुरू हो चुकी है। आईसीयू तैयार हो रहा है तो उसे चलाने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ को पंचकूला में ट्रेनिंग दी जा रही है। कोरोना की चपेट में आए सीरियस मरीजों की सुविधा के लिए भी स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर की संख्या बढ़ा रहा है। जिले को प्रधानमंत्री केयर फंड से आठ नए वेंटिलेटर मिले हैं।
जिले में पहले वेंटिलेटरों की संख्या 25 थी, जो कि अब बढ़कर 33 हो गई है। प्रधानमंत्री केयर फंड से पहले 13 वेंटिलेटर मिल चुके है। अहम बात यह है कि कोरोना महामारी शुरू होने के बाद ही जिले के सरकारी अस्पतालों को वेंटिलेटर मिले है। इससे पहले जिले में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। कोरोना की दूसरी लहर में जिला मुख्यालय के कोविड केयर सेंटर में 6 वेंटिलेटर लगाए गए थे। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए यहां 60 बेड लगाए गए थे, इसमें सीरियस मरीजों की संख्या भी ज्यादा थी। हालात ये रहे थे कि गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर नहीं मिल पाए थे। वेंटिलेटर के लिए गंभीर मरीजों को इंतजार करना पड़ा था। निजी अस्पतालों में भी मरीजों को वेंटिलेटर की सुविधा नहीं मिल पाई थी।
डॉक्टरों और स्टाफ की ट्रेनिंग हुई शुरू
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से लड़ने के लिए डॉक्टरों और स्टाफ की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ट्रेनिंग का ज्यादा फोकस कोरोना की चपेट में आने वाले बच्चों पर दे रहा है। अगर बच्चे कोरोना की चपेट में आते हैं तो कैसे उन्हें उपचार देना है। किन परिस्थितियों में बच्चे को वेंटिलेटर पर लेकर आना है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद से फिजिशियन डॉ. मनीष टुटेजा, एनेथिसिया डॉ. सुभाष और स्टाफ को पंचकूला में ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
ऑक्सीजन प्लांट के लिए नहीं मिला जनरेटर
जिला नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है और टेस्टिंग का काम भी पूरा हो गया है। लेकिन जनरेटर और अलग ट्रांसफार्मर न मिलने के कारण ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग ने जनरेटर और ट्रांसफार्मर उपलब्ध करवाना है।
कोट
कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयारियां चल रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी। जिले को 8 वेंटिलेटर मिले है। सीरियस मरीजों के लिए वेंटिलेटरों की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन।