फतेहाबाद। शहर व वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के पास स्थायी कर्मचारी नहीं हैं। हालात ये है कि नगर परिषद के पास 29 स्थायी कर्मचारी और 109 पालिका रोल पर तैनात हैं। शहर की जनसंख्या करीब 96 हजार है और 27 वार्ड हैं। यूनियन नेताओं के अनुसार कर्मचारियों की कमी के चलते ढाई साल तक नगर परिषद सीमा बढ़ने के बाद उसमें शामिल हुईं कॉलोनियों में सफाई नहीं हो पाई। अब हाल ही में नगर परिषद ने निजी एजेंसी को 60 किलोमीटर क्षेत्र का प्रस्ताव बनाकर सफाई का काम सौंपा है। हिसार-सिरसा रोड से एक तरफ एजेंसी तो दूसरी तरफ नगर परिषद कर्मचारी काम कर रहे हैं।
यहां तक कि नगर परिषद के पास खुद के संसाधन न होने के चलते वर्ष 2023 में निजी एजेंसी को डोर टू डोर कचरा उठान का ठेका दिया गया था। करीब पौने दो साल से निजी एजेंसी ही कचरे का उठान कर रही है। रोजाना शहर से 40 टन कचरा निकल रहा है। हालांकि ठेका खत्म हो चुका है और आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
34 साल से स्थायी कर्मचारियों की नहीं हुई भर्ती
सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 34 साल से स्थायी कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। हालात ये है कि नगर परिषद फतेहाबाद में सिर्फ 29 ही स्थायी कर्मचारी नियुक्त हैं। जिसमें अधिकतर को दारोगा बनाया जा चुका है और कुछ सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
सफाई को लेकर ये है नगर परिषद की स्थिति
स्थायी कर्मचारी - 29
पालिका रोल पर तैनात कर्मचारी - 109
रोजाना शहर से निकल रहा कचरा - 35 से 40 टन
नगर परिषद के शहर में वार्ड - 27
पार्षदों के विरोध के कारण बंद हो चुकी स्वीपिंग मशीन
नगर निकाय ने करीब चार साल पहले स्वीपिंग मशीन भेजी थी। मशीन के जरिए नगर परिषद रात के समय डिवाइडर और मुख्य मार्गों की सफाई करवा रही थी। इसको लेकर हर माह साढ़े 4 लाख रुपये मशीन का भुगतान और डेढ़ लाख रुपये डीजल के देने पड़ रहे थे। लेकिन नए हाउस ने विरोध कर दिया। अब यह व्यवस्था डेढ़ साल से बंद है।
रोजाना चार से पांच लोग कार्यालय में आकर शिकायत दे रहे
नगर निकाय ने नगर परिषद या फिर नगर पालिका से संबंधित किसी तरह की शिकायत को लेकर स्वच्छ हरियाणा पोर्टल जारी किया हुआ है। हालात ये है कि इस पर शिकायत ही नहीं आ रही हैं। वजह ये है कि लोग जागरूक नहीं हैं। सफाई न होने और डोर टू डोर कचरा उठान को लेकर रोजाना चार से पांच लोग कार्यालय में आकर शिकायत दे रहे हैं।
-वर्ष 1991 में सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, इसके बाद कोई भर्ती नहीं हुई। नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की कमी है जबकि क्षेत्र का विस्तार हो चुका है। - रमेश तुषामड़, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नगर पालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा।
शहर में सफाई व्यवस्था में पहले से बहुत ज्यादा सुधार हुआ है। नगर परिषद की सीमा बढऩे के बाद उसमें शामिल हुई कॉलोनियों में भी सफाई शुरू हो गई है। डोर टू डोर कचरे का उठान भी हो रहा है। अगर कहीं समस्या है तो आमजन पोर्टल पर या फिर कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं।
- कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन