रतिया। अनाज मंडी में धान खरीद की 28 क्विंटल सीमा और डीएपी खाद की कमी का मुद्दा कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के सामने उठा। रविवार दोपहर बाद मंडी पहुंचे मंत्री ने किसानों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति की रतिया ब्लॉक टीम ने गग्गी चहल के नेतृत्व में किसानों की पूरी फसल खरीदने की मांग रखी। समिति के अनुसार मंत्री ने 38 क्विंटल तक धान खरीद का आश्वासन दिया।
किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि धान खरीद पर 28 क्विंटल की सीमा लगाए जाने से किसानों को परेशानी हो रही है। कई किसानों की वास्तविक पैदावार पोर्टल पर दर्ज औसत उत्पादन से अधिक है। ऐसे में निर्धारित सीमा के कारण उनकी पूरी फसल की खरीद नहीं हो पा रही है। किसानों को बाकी धान बेचने के लिए बार-बार मंडी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
समिति ने मांग की कि किसानों की वास्तविक पैदावार के अनुसार धान की खरीद सुनिश्चित की जाए। इससे किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने में सुविधा मिलेगी। प्रतिनिधियों ने डीएपी खाद की कमी का मुद्दा भी उठाया और इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
इस मौके पर जिला उपप्रधान गग्गी चहल, ब्लॉक सचिव प्रगट खोखर, बलकारना, बादलगढ़, प्रेम खोखर, निशान छोकर, रूप प्रधान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
पोर्टल पर दर्ज औसत से अधिक पैदावार होने पर भी नहीं होगी परेशानी
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने का प्रयास कर रही है। यदि किसी किसान की वास्तविक पैदावार पोर्टल पर दर्ज औसत मात्रा से अधिक है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे किसान संबंधित अनाज मंडी के सचिव से संपर्क कर अपनी समस्या बता सकते हैं। मामले की जांच कर नियमानुसार समाधान किया जाएगा।
डीएपी खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया
किसान प्रतिनिधियों ने मंडी में कृषि मंत्री के समक्ष डीएपी खाद की कमी का मुद्दा भी उठाया। समिति के अनुसार बातचीत के दौरान पैक्स में आने वाली डीएपी खाद को पंजीकरण में शामिल करने की बात कही गई ताकि किसानों को खाद लेने में परेशानी न हो। किसान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मंत्री की ओर से दिए गए आश्वासन पर जल्द अमल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की पूरी फसल की खरीद और डीएपी खाद की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।