फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: गांव चांदपुरा में धार्मिक दीवान को लेकर तनाव, गुरुद्वारा कमेटी के दो पक्ष आमने-सामने

विज्ञापन
गांव चांदपुरा में नारेबाजी करते एक पक्ष के लोग। 
विज्ञापन
फतेहाबाद। जाखल क्षेत्र के गांव चांदपुरा स्थित गुरुद्वारा संगतसर साहिब में 1 से 3 मार्च तक होने वाले धार्मिक दीवान कार्यक्रम से पहले ही विवाद हो गया है। गुरुद्वारा कमेटी के दो धड़े कार्यक्रम को लेकर आमने-सामने हो गए हैं। एक पक्ष इस धार्मिक दीवान की तैयारियों में जुटा है तो दूसरा धड़ा कार्यक्रम नहीं होने देने पर अड़ा है। तनाव की आशंका देखते हुए प्रशासन ने भी कार्यक्रम की मंजूरी अभी तक नहीं दी है। इन परिस्थितियों के बीच मंगलवार को पुलिस प्रशासन द्वारा गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन के अनुसार अगर इस कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया तो तालाबंदी भी की जा सकती है।
विज्ञापन

गांव चांदपुरा के गुरुद्वारा संगतसर साहब की कमेटी के एक पक्ष के प्रधान बलजिंदर सिंह, सदस्य सोहन सिंह, अवतार सिंह, लीला सिंह, बूटा सिंह आदि ने कहा कि वर्ष 2009 से लगातार सिख धर्म के प्रचारक एवं हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख सेवादार संत बलजीत सिंह दादूवाल यहां हर वर्ष एक से तीन मार्च तक धार्मिक दीवान कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। ऐसे में इस बार भी यह धार्मिक दीवान आयोजित किया जा रहा है। मगर कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं जबकि पूरा गांव इस कार्यक्रम को आयोजित करने में भूमिका निभा रहा है। दूर-दराज से भी भारी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक दीवान कार्यक्रम में पहुंचेंगे। संत बलजीत सिंह दादूवाल यहां 3 दिन के धार्मिक कार्यक्रम के तहत अमृत संचार भी करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एक अलग कमेटी का नाम देकर इसे खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
उधर, इस मामले में गुरुद्वारा कमेटी के दूसरे पक्ष के प्रधान नाजर सिंह, गमदूर सिंह, सतपाल सिंह, दर्शन सिंह, जगरूप सिंह आदि ने कहा कि पिछले वर्ष जब धार्मिक दीवान आयोजित किया था तो संत दादूवाल ने यहां से वर्ष 2018 में सेवा छोड़कर गए बाबा प्रदीप सिंह को दोबारा से सेवादार नियुक्त करने की घोषणा कर दी थी जबकि गांव का कोई भी व्यक्ति बाबा प्रदीप सिंह को यहां पर लाने में राजी नहीं था। ऐसे में बलजीत सिंह दादूवाल यहां पर बिना कमेटी और गांववासियों की अनुमति से धार्मिक दीवान करने पहुंच रहे हैं, जो कि किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी 1 से 3 मार्च तक हुए दीवान के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। लोगों का कहना था कि यहां से सेवा मुक्त कर दिए गए पाठी बाबा प्रदीप सिंह को दोबारा नियुक्त करने की घोषणा समागम में संत दादूवाल ने की। इसके बाद बाबा प्रदीप सिंह ने गांव में वापस आने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी तो काफी विरोध हुआ, तब भी भारी पुलिस बल गांव में तैनात किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें