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भूना शुगर मिल शुरू कराने के लिए किसानों ने की महापंचायत, धरने की दी चेतावनी

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चीनी मिल भूना गेट पर महापंचायत में शामिल विभिन्न किसान संगठनों के नेता व किसान - फोटो : Fatehabad
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भूना। भूना शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर बुधवार को किसानों की महापंचायत हुई। इसमें आसपास के तकरीबन पांच सौ के करीब किसानों ने शिरकत की। रतनलाल मान की अगुवाई में हुई महापंचायत में किसानों ने दो टूक निर्णय लिया है कि चीनी मिल भूना को चलाने के लिए सरकार प्राइवेट मिल मालिकों पर शिकंजा कसे अथवा प्रदेश के किसान मिल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। महापंचायत की अध्यक्षता ज्ञान चंद परूथी ने की जबकि संचालन चांदीराम ने किया।
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महापंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनलाल मान ने कहा कि चीनी मिल भूना को एक षड्यंत्र के तहत प्राइवेट मिल मालिकों के हाथों में बेचा गया था। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है। इसके अतिरिक्त इलाके के लोगों को चीनी मिल बंद होने से बड़ी क्षति पहुंची है। क्योंकि इससे कई लोगों को रोजगार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से मिला हुआ था। मान ने कहा कि चीनी मिल चलाने को लेकर इलाका के किसानों ने लगातार वर्ष 2016 से लेकर 28 फरवरी 2018 तक मिल गेट पर धरना दिया। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने किसानों के बीच पहुंचकर प्राइवेट मिल मालिकों से चीनी मिल चलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन मिल को चलाना तो दूर प्राइवेट मिल मालिकों को 157 एकड़ 7 कनाल चीनी मिल की जमीन का मालिकाना हक दे दिया। पंचायत में निर्णय लिया गया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके साथ-साथ एक सप्ताह में मुख्यमंत्री से भी मिलकर वर्तमान हालात के बारे में अवगत करवाया जाएगा।
चीनी मिल चलती है तो गन्ना उत्पादकों की बढ़ेगी संख्या
किसान नेता करनैल सिंह, पूर्व सरपंच बसंत लाल व जोगिंदर सिंह नैन ने बताया कि परंपरागत खेती को किसान घाटे का सौदा मान रहे हैं। इसलिए अगर चीनी मिल चलती है तो फतेहाबाद, सिरसा व हिसार जिला में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या बढ़ जाएगी। किसानों ने कहा कि गेहूं व धान की फसल में लागत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो रहा और मेहनताना अलग से करना पड़ रहा है। गन्ना की फसल में दवाइयां व खाद इत्यादि भी नाममात्र ही उपयोग होती हैं। किसानों को खर्चा भी अधिक नहीं उठाना पड़ता है और आय भी अधिक होती है। मौके पर भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगिंदर सिंह घासीराम नैन, इनेलो के जिलाध्यक्ष बलविन्द्र सिह कैरो, किसान यूनियन के हिसार जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह कुंडू, सिरसा के जिलाध्यक्ष राकेश रूपा जाटान, फतेहाबाद के जिलाध्यक्ष हंसराज सिवाच, संघर्ष समिति के अध्यक्ष सरदार करनैल सिंह, मनदीप सिंह नथवान, बसंत लाल मेहता, कोर सिंह, रामस्वरूप ढाणी गोपाल, राजवीर सोनी, कृष्ण कुमार धारणिया, बलबीर सिंह पूनिया, जिले सिंह जाखड़, रामनारायण बिश्नोई, महेंद्र सिंह जांडली आदि किसान नेताओं ने भी महापंचायत में संबोधित किया।
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