कुलां। कुलां से टोहाना मुख्य रूट पर बस सर्विस की कमी के कारण यहां से स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थानों में जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं के लिए यह समस्या विकट हो गई है।
दरअसल, क्षेत्र के कई गांवों के विद्यार्थी टोहाना में शिक्षा ग्रहण करते हैं, जो अपने गांव से कुलां आकर टोहाना की बस पकड़ते हैं। बसों की कमी के कारण सुबह के समय तो यह परेशानी छात्रों को हर दिन देखने को मिलती है। यहां से सुबह के समय बड़ी संख्या में विद्यार्थी कुलां बस स्टैंड पर आते हैं, लेकिन बस सर्विस कम होने के कारण एकाध लंबे रूट की बस सुबह आती है, उसमें बैठने की बात तो दूर पैर रखने तक की जगह नहीं होती।
सुबह के समय बस की सर्विस कम होने के कारण पीछे से ही भरी हुई बस आती है। ऐसे में कई बच्चे तो किसी तरह बस में लटक कर चले जाते हैं, जबकि कई विद्यार्थी बस में सवार होने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में उन्हें कॉलेज या अन्य शिक्षण संस्थानों पर पहुंचने में देरी हो जाती है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। हरियाणा राज्य परिवहन की बसों की कमी व विद्यार्थियों की संख्या अधिक होना इनका मुख्य कारण है। ऐसे में अभिभावकों की मांग है कि पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकार की ओर से विशेष बसें चलाई जाएं।
बस पकड़ने के लिए सुबह घर से भी जल्दी निकल रहे
क्षेत्रवासी कुलदीप, नरेश, संजीव, हरीश कुमार, कमल आदि ने बताया कि उनके बच्चे बसों की कमी के कारण काफी समय पहले निकलते हैं, लेकिन उसके बावजूद वह समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में तो बस सर्विस नाममात्र रखी हुई है। ऐसे में बच्चे कुलां मुख्य मार्ग पर आकर बसें पकड़ते हैं, लेकिन मुख्य मार्ग पर भी बसों की कमी से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। लड़कियों के लिए यह बड़ी परेशानी है। लड़के तो जैसे तैसे दौड़कर खिड़की में लटक कर बसें पकड़ लेते हैं, लेकिन ज्यादातर लड़कियों को अगली बस की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रहीं हैं। बसों की कमी की समस्या को लेकर भागदौड़ के दौरान हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। अभिभावकों की मांग है कि इस क्षेत्र में बस सर्विस बढ़ाई जाए व बच्चों के लिए अलग से विशेष बसें लगाई जाए।
जिले में रोडवेज बसों की कमी है। जिले में 200 बसों की आवश्यकता है, लेकिन निगम के पास 185 बसें ही हैं, ऐसे में 15 बसों की कमी है। बसों की कमी का मामला सरकार के संज्ञान में है। सरकार यदि नई बसें खरीदती है तो जिले को भी बसें अलॉट होने की उम्मीद है। सरकार की इलेक्ट्रॉनिक बसें खरीदने की योजना है। हो सकता है, उसमें जिले को नई बसें अलॉट हो जाए। इसके बाद इस रूट पर बस सर्विस को बढ़ा दिया जाएगा।
-अजय दलाल, रोडवेज महाप्रबंधक फतेहाबाद