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मोबाइल और नेटवर्क में विद्यार्थियों का आकलन अटका

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विद्यार्थियों को मोबाइल पर आंकलन परीक्षा करवाते शिक्षक। - फोटो : Fatehabad
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शिक्षा विभाग कक्षा तीसरी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों की आकलन परीक्षा ले रहा है। लेकिन ये परीक्षा मोबाइल और नेटवर्क लटक कर रह गई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले किसी विद्यार्थी के पास मोबाइल नहीं है तो कहीं गांवों में नेटवर्क नहीं आ पा रहा है। ये ही नहीं परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को शाम को पिता के घर लौटने का इंतजार करना पड़ रहा है। विद्यार्थी आकलन परीक्षा में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के दबाव के चलते शिक्षक खुद परीक्षा देने को मजबूर हो रहे हैं।
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शिक्षक खुद अवसर एप खोलकर परीक्षा दे रहे हैं तो कहीं स्कूलों में विद्यार्थियों को बुलाकर शिक्षकों के मोबाइल पर परीक्षा दिलवाई जा रही है। सोमवार को जिले में 79 फीसदी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी जबकि मंगलवार को दोपहर तक 48 फीसदी विद्यार्थी ही परीक्षा दे पाए। विद्यार्थी मूल्यांकन परीक्षा को लेकर शिक्षकों का कहना है कि गांवों में विद्यार्थियों के पास मोबाइल नहीं है, अगर मोबाइल है तो नेटवर्क नहीं आ रहा। किसी-किसी कंपनी का नेटवर्क आता है। इस कारण विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं। परीक्षा का आंकड़ा कम रहने पर विभाग के अधिकारी दबाव डालते है, इसके चलते मजबूरी उन्हें स्कूल में बुलाकर या फिर खुद ही प्रश्नपत्र हल करने पड़ रहे हैं। संवाद
पिता काम से लौटेंगे तो ही दे पाएंगे परीक्षा
गांव दौलतपुर के शेखर और गांव खैरातीखेड़ा की प्रोमिला का कहना है कि उनके पिता मजदूरी करते हैं और वह शाम को घर लौटते है। मोबाइल पिता के पास होता है। उनके घर आने के बाद ही वह टेस्ट दे पा रहे है।
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79 फीसदी विद्यार्थियों ने पहले दिन दी परीक्षा
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को शुरू हुई परीक्षा में पहले दिन 79 फीसदी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इसके अलावा मंगलवार को दोपहर तक 48 फीसदी विद्यार्थी ही परीक्षा दे पाए थे।
13 अगस्त तक चलेंगी परीक्षाएं
छात्र मूल्यांकन परीक्षाएं 26 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेंगी। इन परीक्षाओं में कक्षा तीसरी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। विद्यार्थियों की ये परीक्षा अवसर एप पर ली जा रही है।
विद्यार्थियों पर बढ़ रहा मानसिक दबाव : दहिया
प्राथमिक स्तर पर एक दिन में दो-दो परीक्षाएं और वह भी ऑनलाइन फोन द्वारा करना दक्ष विद्यार्थियों के लिए भी संभव नहीं है। ऐसे में प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव डालना गलत है। उनके जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, इससे बच्चों पर मानसिक दबाव के साथ शरीर पर भी दुष्प्रभाव बढ़ रहा है। शिक्षकों पर महज डाटा पूरा करने और परीक्षा की खानापूर्ति करने का दबाव डाला जा रहा है।
- देवेंद्र दहिया, प्रदेश चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा।
कोट
कक्षा तीसरी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की आंकलन परीक्षा चल रही है। गांवों में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत रहती है, इसके अलावा कई बच्चों के पास मोबाइल नहीं है। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को परीक्षा देने का काफी समय दे रखा है। शिक्षकों पर किसी तरह से दबाव नहीं डाला जा रहा है।
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- अनुराग धारीवाल, जिला सक्षम अधिकारी।

विद्यार्थियों को बुलाकर आकलन परीक्षा करवाते शिक्षक।- फोटो : Fatehabad

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