फतेहाबाद। गांवाें में पराली और शहर में कूड़े में आग लगाई जा रही है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। नतीजतन, प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को फतेहाबाद में एक्यूआई 488 तक पहुंच गया। प्रशासनिक अधिकारियों से न पराली की आग रुक रही है और न ही शहर में जलते कूड़े पर लगाम लगा पा रहे हैं। इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। सुबह विद्यार्थियों को स्कूल जाते समय जहरीले धुएं के बीच से जाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि फतेहाबाद में पूरा एक सप्ताह बीत गया है, लेकिन एक्यूआई का स्तर अभी भी 400 के पार चल रहा है। सातवें दिन भी धुएं की चादर से वातावरण ढका रहा। यही नहीं शहर में लोग भी अपने घरों से निकलने वाले कचरे को आग लगा रहे हैं। जिस कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए सिर्फ दो दिन शहर में पानी का छिड़काव करवाकर खानापूर्ति कर ली। जिले में पराली जलाने के मामलों में भी इस बार काफी बढ़ोतरी हुई है। इस बार अब तक 324 स्थानों की फायर लोकेशन हरसेक से प्रशासन के पास आई है। हालांकि, इनमें 84 मामले फेक मिले हैं। इनमें 22 स्थान ऐसे हैं, जिसमें कूड़े के ढेरों में आग लगाई गई है। वहीं 159 किसानों को अब तक कृषि विभाग चार लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना ठोक चुका है।
जिले में पराली जलाने के 7 और मामले आए
फतेहाबाद में मंगलवार को भी पराली जलाने के सात मामले सामने आए हैं। यह मामले रतिया, टोहाना व भूना क्षेत्र के गांवों में आए हैं। किसान रात के समय ही अधिक पराली जला रहे हैं। रात का समय होने के कारण समय पर पहुंच कर अधिकारी आग को रुकवा भी नहीं पाते हैं।
गले की फांस बनी पराली, जलाएं तो जुर्माना, महेंद्रगढ़ ले जाएं तो चालान
इन दिनों पराली किसानों के लिए गले की फांस बनी हुई है। अगर किसान खेतों में पराली जलाते हैं तो अधिकारी उन किसानों का चालान काट देते हैं और अगर वे यहां से पराली ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में लेकर महेंद्रगढ़ जाते हैं तो वहां भी पुलिस द्वारा उनके ट्रैक्टरों के चालान काट दिए जाते हैं। ऐसे में किसान वर्ग बेहद परेशान है। किसान नेता मनदीप नथवान ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय निकलता जा रहा है लेकिन किसानों के खेत खाली न होने से उनकी चिंता बढ़ रही है। कुछ दिन पूर्व ही महेंद्रगढ़ में सात ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के चालान कर उन्हें जब्त कर दिया गया। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। यही नहीं गांव के लोग भी इन किसानों को धमकी देते हैं कि अगर वे पराली लेकर उनके गांव से गुजरे तो वे ट्रैक्टर-ट्राॅली में आग लगा देंगे।
9 नवंबर को करेंगे महेंद्रगढ़ कूच
पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान के नेतृत्व में किसान मंगलवार को डीसी अजय सिंह तोमर से मिलने फतेहाबाद पहुंचे। इन किसानों ने शासन-प्रशासन ने मामले में संज्ञान लेने और किसानों को राहत देने की मांग की। डीसी ने प्रतिनिधिमंडल को इस मामले में महेंद्रगढ़ के उपायुक्त से बातचीत करने को कहा। इस पर किसानों ने डीसी कार्यालय के बाहर नारेबाजी कर रोष जताया। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने 9 नवंबर को महेंद्रगढ़ कूच करने की घोषणा की।
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किसानों के लिए बेलरों की कई कमी नहीं है। अगर किसान आगे आएं तो बेलर उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। पंजाब से भी पराली का धुआं फतेहाबाद आ रहा है, जिस कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। अब तक 159 किसानों को चार लाख पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जा चुका है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग फतेहाबाद
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इन दिनों प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, इसलिए लोग अपनी सेहत का ख्याल रखें। दो दिन शहर में प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव किया गया है। आगे भी अगर आवश्यकता पड़ी तो छिड़काव किया जाएगा।
- अजय सिंह तोमर, डीसी, फतेहाबाद