फतेहाबाद। स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के भत्ते, वेतन और एसीपी बढ़ाने की मांग को लेकर जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक वीरवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान फतेहाबाद सहित जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी ठप रही। हालांकि सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रहने से लोगों को कुछ राहत अवश्य मिली। लेकिन ओपीडी बंद रहने के कारण दूरदराज से आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई मरीज उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करते भी नजर आए। हड़ताल के दौरान एक अजीब बात भी देखने को मिली कि सामान्य मरीजों को तो हड़ताल की बात कहकर उपचार नहीं दिया गया जबकि वीरवार दिन में ही सीएम मनोहर लाल की जन आशीर्वाद यात्रा के लिए वीआईपी ड्यूटी पर हड़ताली डॉक्टरों ने बिना किसी दिक्कत के ड्यूटी दी। पहले एमएस के दफ्तर में हड़ताली चिकित्सकों ने की बैठक, फिर सीएम ड्यूटी पर निकल गए डिप्टी सीएमओ
नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. ओपी दहमीवाल के कार्यालय में हड़ताली चिकित्सकों ने बैठक की और अस्पताल में होने के बावजूद किसी भी चिकित्सक ने ओपीडी नहीं की। हालांकि इस दौरान भी अनेक मरीज अस्पताल परिसर में उपचार के लिए भटक रहे थे। इस बैठक के बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. हनुमान भूना के लिए रवाना हो गए जहां उन्हें बाकी चिकित्सकीय टीम के साथ सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा के लिए उन्हें वीआईपी ड्यूटी पर सनियाना-टोहाना निकलना था।
22 डाक्टरों में से 4 लंबे अवकाश पर, दो ने ड्यूटी संभाली, बाकी रहे हड़ताल पर
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में कुल 22 चिकित्सक हैं। इसमें से तीन-चार चिकित्सक लंबे अवकाश पर चल रहे हैं। दंत चिकित्सकों ने अपनी ड्यूटी हड़ताल के बावजूद भी की और मरीजों की जांच पड़ताल की। मांगों को लेकर तकरीबन सोलह चिकित्सक हड़ताल पर रहे।
मरीज बोले, अस्पताल में आकर पता चला हड़ताल है
वीरवार को सरकारी अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने का सबसे बड़ा असर दूरदराज के इलाकों से पहुंचे मरीजों पर पड़ा। मरीज उपचार के लिए अस्पताल परिसर में चिकित्सकों को ढूंढते फिरे। लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिल सका।
राजस्थान के भादरा से आया था स्किन की दवाई लेने’
‘पिछले कई दिन से स्किन की बीमारी के लिए दवाई लेने के लिए सोच रहा था। आज जाकर मौका मिला और फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि आज तो डॉक्टर ही हड़ताल पर हैं। काफी देर इंतजार भी किया कि डाक्टर शायद आ जाएं लेकिन कोई नहीं आया। अब दोबारा आने में क्या पता कितना समय लगेगा। 70 किलोमीटर दूर से आया था, परेशानी तो हुई ही है।’
मुकेश कुमार, भादरा, राजस्थान
‘काला पीलिया की दवाई चल रही है। इसी के चलते आज काफी परेशानी महसूस हो रही थी तो अस्पताल में दिखाने आया था। लेकिन कोई डाक्टर अपनी सीट पर ही नहीं मिला। अब उपचार चल रहा है तो बीच में किसी निजी चिकित्सक को भी नहीं दिखा सकता। चुपचाप वापिस लौटने के अलावा कोई चारा ही नहीं। डाक्टरों को भी मरीजों के बारे में सोचना चाहिए।’
सुनील कुमार, निवासी फतेहाबाद।
वर्जन
15 दिन में मांगें पूरी करने के आश्वासन के बावजूद नहीं हुई लागू, इसलिए करनी पड़ी हड़ताल
सरकार के साथ प्रदेश प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई थी जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए स्पेशल भत्ता या उनकी वेतन बढ़ाने की मांग और एसीपी से संबंधित मांग मान ली गई थी और 15 दिन में इस मांग को लागू करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब लंबा समय बीतने के बावजूद सरकार ने इस व्यवस्था को लागू नहीं किया है जिसके कारण पहले 30 अगस्त को दो घंटे के लिए पेन डाउन हड़ताल की गई थी, लेकिन अभी तक सरकार अपने रुख पर अड़ी है जिसके कारण वीरवार को पूरे दिन की हड़ताल करनी पड़ी। इमरजेंसी सेवाओं के साथ साथ वीआईपी ड्यूटी भी खुली रखी है।
- डॉ. हनुमान, डिप्टी सीएमओ, फतेहाबाद।