चिल्ली की निशानदेही को लेकर इंतजार करते नप कर्मचारी।
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चिल्ली के सुंदरीकरण के शुरू होने वाले काम को लेकर झटका लगा है। मंगलवार को चिल्ली क्षेत्र की होने वाली निशानदेही नहीं हो पाई। पांच घंटे तक नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी निशानदेही का काम शुरू होने का इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर बाद राजस्व विभाग के अधिकारी और प्राइवेट एजेंसी ने रद्द कर दिया। टोटल सर्वे मशीन में डाटा दर्ज न होने के कारण निशानदेही का काम शुरू नहीं हो पाया। अब निशानदेही कब होगी इसका निर्णय अभी नहीं लिया गया है। निशानदेही न शुरू होने के पीछे राजस्व विभाग और प्राइवेट एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। निशानदेही का ऐलान एक सप्ताह पहले कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद डाटा मशीन में दर्ज नहीं किया गया। मंगलवार को मौके पर डाटा दर्ज करने का काम शुरू किया गया जो कि पूरा नहीं हो पाया। वहीं राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस एजेंसी को काम दिया गया है उसके लैपटॉप में अदला बदली होने के कारण डाटा नए सिरे से दर्ज किया जा रहा है।
अधिकारी कार्यालय में कर्मचारी चिल्ली पर करते रहे इंतजार :
चिल्ली क्षेत्र की निशानदेही सुबह 10 बजे शुरू होनी थी। नगर परिषद के कर्मचारी चिल्ली पर पहुंच गए और अधिकारी कार्यालय में राजस्व विभाग के अधिकारियों के आने का इंतजार करते रहे। नगर परिषद अधिकारियों ने जब कानूनगो राजाराम को बुलाया तो वह हर आधे आधे घंटे का इंतजार करने का कहते रहे, दोपहर 12 बजे कहा गया कि ढाई बजे के बाद होगी। लेकिन जब ढाई बजे तब तक डाटा दर्ज नहीं हो पाया था इसके बाद निशानदेही को रद्द करना पड़ा।
27 कनाल 7 मरले है चिल्ली की जगह
चिल्ली क्षेत्र की 2008 और 2015 में निशानदेही हो चुकी है। इस दौरान 17 लोगों द्वारा कब्जा किया जाना सामने आया था। अब निशानदेही को लेकर इन लोगों को भी नोटिस जारी किए थे। 11 ऐसे लोग थे जिन्होंने नोटिस लेने से इन्कार कर दिया था। इनके घर के बाहर नोटिस चस्पा किए थे।
तीन विभाग करेंगे चिल्ली झील का सुंदरीकरण :
चिल्ली झील के सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट सीएम घोषणा में शामिल है। लेकिन ये प्रोजेक्ट लंबे समय से अटका हुआ है। अब उपायुक्त डॉ.नरहरि सिंह बांगड़ के दिलचस्पी लेने के बाद प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद जगी है। नगर परिषद, जन स्वास्थ्य और सिंचाई विभाग मिलकर इसके सुंदरीकरण का काम देख रहे हैं।
चिल्ली की निशानदेही होनी थी लेकिन जिस एजेंसी को काम दिया गया था उसके पास डाटा फीड नहीं था। डाटा मशीन में दर्ज न होने के कारण रद्द कर दी गई है। आगे कब होनी है इस संबंध में अभी तय नहीं किया गया है।
- राजाराम कानूनगो, राजस्व विभाग।