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एसपी की फटकार पर दर्ज हुआ लूट का मुकदमा

Thu, 19 Jun 2014 11:45 PM IST
fatehabad
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 खैरी रोड पर प्लाट देने के बहाने एक व्यक्ति से पुलिस वर्दी में आधा दर्जन व्यक्तियों द्वारा पिस्तौल की नोक पर तीन लाख रुपये की नकदी लूट मामले में भूना पुलिस ने एसपी शिवचरण अत्री की फटकार के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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पुलिस ने चार नामित और 4-5 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, अपहरण, लूटपाट करने व पुलिस वर्दी का दुरुप्रयोग, जानसे मारने की धमकी देने, योजनाबद्घ तरीके से षडयंत्र रचने इत्यादि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है मामला
गांव धांगड़ निवासी एवं लघु सचिवालय फतेहाबाद में टाइपिस्ट मंगल खरोड़ पुत्र रामकुमार ने 13 जून को फतेहाबाद सदर थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि भूना के खैरी रोड पर प्लॉट का सौदा 3 जून को शक्करपुरा निवासी नंदलाल उर्फ धन्नू ने करवाया था।
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 प्लॉट का ऐग्रीमेंट 10 जून को करवाने के लिए वह खैरी रोड पर प्लॉट स्थल पर पहुंच गया। जहां पर मुख्तयार सिंह हुड्डा नामक व्यक्ति नंद लाल के पास पहले से मौजूद था। मंगल ने बताया कि जब वह उनके पास पहुंचा तो कुछ ही देर बाद सुनील कुमार नाम का एक युवक उनके पास आ गया। प्लाट एग्रीमैंट लिखाने हेतु तीन लाख रुपये उपरोक्त लोगों को तहसील में देने के लिए बात कही।

 मंगल ने बताया कि जैसे ही वह खैरी रोड से पैदल कुछ ही दूरी पर पहुंचे तो नीली बत्ती लगी इनोेवा गाड़ी उनके पास आकर रुकी। जिसमें पुलिस की वर्दी में 4-5 लोग पहले मौजूद थे। इनोवा गाड़ी के चालक ने नंद लाल व सुनील को अपने पास बुला लिया। जिनको पकड़कर गाड़ी में बिठा लिया। पुलिस की वर्दी में दो युवकों ने मंगल खरोड़ को भी जबरन गाड़ी में डालकर ले गए।
 शहर से बाहर कुछ ही दूर पुलिस वर्दी धारियों ने मंगल को धमकी दी कि बैग में रखे तीन लाख रुपये उन्हें दे। जिसके बाद मंगल डर गया और तीन लाख रुपये उन्हें दे दिए थे। पुलिस वर्दी धारियाें ने मंगल को धमकी दी, जिस पर उसने किसी को भी सूचना न देने का वादा किया।

 वर्दी धारियों ने उसे गाड़ी से उतार दिया था। 13 जून को लूटपाट का शिकार हुए मंगल ने हौसला बनाकर सदर थाना फतेहाबाद में शिकायत दी। मगर कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि घटना भूना क्षेत्र में घटी थी। इसलिए उसे भूना पुलिस ने शिकायत दर्ज करने का सुझाव दिया गया।
  पीड़ित मंगल ने 13 जून की शाम पुलिस भूना में शिकायत की। मगर उसे अगले दिन आने को कहा गया। 14 जून को मंगल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन पुलिस ने शिकायतकर्ता को ही शक के दायरे में ले लिया। मंगल ने बार-बार कहा कि उसके साथ 3 लाख 20 हजार रुपए की लूट हुई है। लूट में शामिल शक्करपुरा निवासी नन्द लाल, मुख्तयार सिंह हुड्डा बहादुरगढ़, सुनील कुमार, रमेश कुमार पुत्र नंद लाल तथा चार-पांच अज्ञात पुलिस वर्दी धारी शामिल हैं।

 पुलिस ने मुख्तयार सिंह को गिरफ्तार किया तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय समझौते के लिए प्रयास शुरू कर दिए। पीड़ित मंगल को एक लाख रुपए देकर मामले को पुलिस दबाना क्यों चाहती थी, यह मामला संदिग्ध बना हुआ है। लगातार पांच दिन पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने के बावजूद भी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि एसएचओ स्वयं समझौते के लिए मंगल पर ही दबाव दे रहे थे।

एसपी की फटकार पर हुई कार्रवाई
टाइपिस्ट मंगल खरोड़ अपने साथियों के साथ बुधवार को पुलिस कप्तान शिव चरण अत्री से मिले। पीड़ित ने एसपी को बताया कि भूना पुलिस आरोपियों के साथ मिल चुकी है। इसलिए उस के मामले को फतेहाबाद सदर या सिटी के हवाले किया जाए।

 मंगल ने बताया कि आरोपी पुलिस वर्दी में सरेआम लूटपाट व अपहरण की घटना को अंजाम देते हैं। मगर भूना पुलिस उन्हें बचाने का प्रयास कर रही थी। मंगल की शिकायत के बाद एसपी ने थाना पुलिस को फटकार लगाई और केस दर्ज करने के आदेश दिए।

क्या कहते हैं थाना प्रभारी
थाना प्रभारी रोहताश कुमार ने बताया कि घटना 10 जून की थी। लेकिन शिकायत 14 जून को पुलिस में दी गई। शिकायकर्ता 4 दिन मौन क्यों रहा। इस पर पुलिस ने मात्र मंगल खरोड़ से मौखिक सवाल किए थे। मामले की जांच पड़ताल पुलिस कर रही थी। घटना का पटाक्षेप करके ही मुकदमा दर्जा करना चाहते थे। आरोपियों के साथ मिलीभगत के आरोप निराधार है।
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