बुधवार शाम को आए तेज अंधड़ व तूफान ने बिजली प्रणाली को ध्वस्त कर दिया। म्योंदकलां के नजदीक भाखड़ा नहर से लेकर घग्घर तक पहुंचने वाली 11 हजार वोलटेज की मेन लाइन करीब दो किलोमीटर तक खेतों में आ गिरी। हवा के झोंको न सह सकने पर बिजली के करीब दो दर्जन से भी ज्यादा पोल जहां टूट कर बिखर गए वहीं कई पोल पर रखे ट्रंासफार्मर भी वहां से गिर गए। जिसे बृहस्पतिवार सुबह से गिरे पोल को उठाने व तारों को संभालने का काम करते हुए बिजली निगम कर्मी सप्लाई चालू करने में लगे रहे।
जानकारी के अनुसार बिजली निगम की ओर से म्योंदकलां के पास खेतों में पोल लगाकर 11 हजार वोल्टेज की मेन लाइन गुजरी हुई है। बीते दिन ज्यों ही आई आंधी व तूफान ने इन खंबों को हिलाया तो तारों के साथ यह खंबे उखड़ते हुए जमीन पर आ गिरे। इसी के साथ कुछ खंबों के सहारे रखे ट्रंासफार्मर भी नीचे गिर गए।
घटना मेें 25 खंबों सहित तीन ट्रंासफार्मर नीचे आ गए, जबकि करीब ढाई से तीन किलोमीटर लंबी बिजली की मुख्य केबल भी गिर गई। हालांकि निगम ने आंधी के मद्देनजर पहले ही बिजली आपूर्ति को बंद कर दिया था, लेकिन माना जा रहा है कि यदि बिजली चालू होती तो बड़ा भारी नुकसान हो सकता था।
लेकिन वहीं घटना से म्योंद कलां, म्योंद खुर्द, चुहड़पुर आदि गांवों में रात भर बिजली बंद रही। निगम के जेई अरुण कुमार ने बताया कि घटना को लेकर मरम्मत कार्य जारी है। शाम तक बिजली प्रणाली को चालू कर दिया जाएगा। तूफान के कारण निगम को करीब दो लाख से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है।