फतेहाबाद। जिले में अभी तक धान की कटाई 20 फीसदी भी नहीं हुई कि पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। रात के समय में चोरी छिपे पराली जलाई जाती है और सुबह तक उसके निशान ही मिटा दिए जाते हैं। नतीजा ये है कि हर साल की तरह आबोहवा फिर से खराब होने लगी है। हवा में घुले धुएं के कारण धुंधलापन नजर आने लगा है। धुएं की वजह से आंखों में जलन भी महसूस होती है। रात के समय यह परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि आग रात के समय लगाई जाती है। इस बार प्रशासन के लिए प्रदूषण रोकना और ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कृषि कानूनों के खिलाफ पहले से किसान उग्र हैं। ऐसे में गांवों में जाना प्रशासनिक अमले के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसका एक उदाहरण शुक्रवार को गांव हुकमावाली में देखने को मिला, जहां तहसील कार्य की टीम को ही बंधक बना लिया गया। टीम को छुड़वाने के लिए खुद एसडीएम को जाना पड़ा।
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खेतों में जाने से घबरा रहे कर्मचारी
किसानों पर निगरानी के लिए हर साल विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। कर्मचारियों को पराली जलने की सूचना पर खेतों में जाना होता है और वहां से रिपोर्ट करनी होती है। इस बार किसान बेहद उग्र हैं। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के लिए कार्यक्रमों में जाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कर्मचारी भी डरे हुए हैं। गांव स्तर पर किसानों के संगठन सक्रिय हैं, जो सरकार के खिलाफ पहले से भड़के हुए हैं।
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95 हजार हेक्टेयर में धान
कृषि विभाग के मुताबिक जिले में लगभग 95 हजार हेक्टेयर रकबे में धान बोया हुआ है। इसमें से करीब 15 हजार हेक्टेयर में हाथ से कटाई होती है, जिसमें पराली जलाने की आवश्यकता नहीं रहती। बाकी धान कंबाईन मशीन से काटा जाता है। उसमें से करीब 50 फीसदी किसान ही पराली का प्रबंधन करते हैं। बाकी आग लगा देते हैं। पिछले साल करीब पांच सौ किसानों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिन्होंने पराली में आग लगाई थी।
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धारा 144 लागू, पराली जलाने पर होगी कार्रवाई : डीसी
दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत आदेश पारित करके जिला में तुरंत प्रभाव से धान की फसल की कटाई के बाद बचे अवशेषों को जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। इससे प्रदूषण फैलता है। वहीं आग लगने से संपत्ति को भी नुकसान होने का डर रहता है। इन आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई होगी।
- महावीर कौशिक, जिलाधीश, फतेहाबाद।