फतेहाबाद। पिछली साल से 30 फीसदी कम पराली जलने के बाद भी चार दिन से जिले के वातावरण में धुआं ही धुआं छाया हुआ हैं। 5 नवंबर की रात तक पिछले साल 950 जगहों पर पराली जली थी, लेकिन इस बार 690 जगहों पर पराली को आग लगाई गई है। हवा में प्रदूषण का स्तर चार दिन से खतरनाक स्थिति से ऊपर ही बना हुआ है और वातावरण में धुआं ही धुआं नजर आ रहा है। शनिवार को भी पूरे दिन एक्यूआई 350 से ऊपर ही रहा।
हालात ऐसे हैं कि निचले स्तर के अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण खुद जिले के मुखिया डीसी महावीर कौशिक को फील्ड में उतरना पड़ रहा है। वह अधिकारियों से लेकर गांव स्तर पर बनाई गई टीमों के सदस्यों को पराली जलाने वालों को रोकने के लिए मोटिवेट करते रहे। भैया दूज की छुट्टी के दिन भी रतिया में डीसी ने गांव स्तर पर बनी कमेटियों के सदस्यों की बैठक लेकर उन्हें पराली जलाने से रोकने में प्रशासन की मदद करने के लिए कहा।
डीसी महावीर कौशिक ने शनिवार को सामुदायिक केंद्र रतिया में रतिया खंड के नंबरदारों, ग्राम स्तरीय निगरानी कमेटी व किसानों के साथ बैठक कर पराली जलने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कमेटियों के इंचार्ज को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दें। कोई भी व्यक्ति या किसान नियमों की अवहेलना करता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन व संबंधित विभाग को दें।
दिवाली के पहले दिन बिगड़ी थी स्थिति
जिले में दिवाली से पहली रात को 100 से ज्यादा स्थानों पर किसानों ने पराली में आग लगाई। उसी दिन एक्यूआई 100 के स्तर से ऊपर चला गया था, जो अभी तक नीचे नहीं आया है। शनिवार को भी पूरे दिन एक्यूआई 350 से ऊपर ही रहा। 300 से ऊपर एक्यूआई होने का मतलब वातावरण खराब होना है, जहां सांस लेने में भी तकलीफ होने लगती है। यही कारण है कि सांस के मरीज ऐसी स्थिति में बड़ी परेशानी से जूझ रहे हैं।
अभी जिले में 40 प्रतिशत धान की कटाई बाकी
यह हालात तब ऐसे हैं, जब जिले में पूरी तरह धान की कटाई का काम संपन्न नहीं हुआ है। अभी तक 40 प्रतिशत धान की फसल की कटाई नहीं हुई है। दरअसल, पूरे जिले में इस बार तीन लाख एकड़ में धान की बिजाई की गई है। अभी तक एक लाख 80 हजार एकड़ में ही कटाई पूरी हुई है जबकि एक लाख 20 हजार एकड़ में कटाई होनी बाकी है। ऐसे में आने वाले समस्या में पराली के केस और बढ़ने की आशंका है।
अब तक 103 किसानों के काटे चालान
जिले में अब तक प्रशासन द्वारा 103 किसानों के चालान काटे गए हैं। इनसे दो लाख 75 हजार रुपये की जुर्माना राशि भरवाई गई है। डीसी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि जो किसान समझाने से भी न मानें और पराली में जान-बूझकर आग लगाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
शनिवार को ऐसे बढ़ता रहा प्रदूषण का स्तर
समय - एक्यूआई
सुबह 6 बजे : 361
सुबह 7 बजे : 363
सुबह 8 बजे : 364
सुबह 9 बजे : 366
सुबह 10 बजे : 368
सुबह 11 बजे : 368
दोपहर 12 बजे : 369
दोपहर 1 बजे : 371
दोपहर 2 बजे : 372
दोपहर 3 बजे : 372
शाम 4 बजे : 374
शाम 5 बजे : 374
जाखल में खेत में लगाई गई आग के बाकी बचे निशान।- फोटो : Fatehabad