फतेहाबाद। प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत पांच साल बाद अपना घर का सपना अधूरा है। योजना में शामिल लाभार्थियों को अभी तक पूरी किस्तें ही नहीं मिली है। मात्र दो फीसदी लाभार्थियों को पूरी तीन किस्तें मिल पाई है। 2016 में हुए सर्वे में नया मकान बनाने के लिए 2250 परिवारों के नाम सामने आए थे, 2018 में डीपीआर पेश की गई। इसके बाद अब तक 17 परिवारों को ही पूरी किस्तें मिल पाई है। 2020 में योजना के तहत आए बजट का वापस मंगवा लिया गया।
विभाग लाभार्थियों को तीन किस्तों में राशि देता है। अगर पहली किस्त की बात की जाए तो 579 परिवार पहली किस्त ले चुके है। पहली किस्त नींव भरने पर दी जाती है। भूना क्षेत्र में 688 लाभार्थी है लेकिन यहां पर 20 परिवारों को ही पहली और एक ही लाभार्थी ने तीसरी किस्त ली है। सर्वे में 1065 लाभार्थियों को शामिल किया गया था, जिन्हें मकान का विस्तार करना था, इस योजना के तहत डेढ़ लाख की राशि मिलती है। 166 लाभार्थियों को ही पहली किस्त मिली है इसके अलावा 7 लाभार्थी ही तीसरी किस्त ले पाए हैं।
जानिए कितने लाभार्थियों को मिली किस्त
शहर कुल लाभार्थी पहली दूसरी तीसरी
फतेहाबाद 218 62 58 30
टोहाना 854 216 180 8
रतिया 490 281 99 8
भूना 688 20 19 1
छत लगने पर मिलती है दूसरी किस्त
प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत मकान की नींव भरने पर पहली, छत लगने पर दूसरी और घर का पूरा काम होने और योजना का बोर्ड लगने के बाद तीसरी किस्त मिलती है। आंकड़ों पर नजर डाले तो 2250 में से 581 पात्रों को ही पहली किस्त मिल पाई है।
2016 में हुआ था सर्वे
प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत सरकार ने सर्वे करवाया था। योजना के तहत 2018-19 में डीपीआर भेजी गई यानि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट। इसमें 2250 पात्र सामने आए। जिन्हें नया घर बनाने और विस्तार के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाने थे।
कोट
प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत अगर किसी लाभार्थी के दस्तावेजों में कमी है तो वह उसे ठीक करवा लें, दस्तावेज ठीक होने के बाद ही उसे लाभ मिलेगा। इसके अलावा अगर कोई अपने मकान का विस्तार करना चाहता है और ढाई लाख की स्कीम में आना चाहता है तो कार्यालय में संपर्क करें। जल्द बजट जारी हो जाएगा, इसके बाद जिनके दस्तावेज पूरे हैं उन्हें किस्त डाल दी जाएगी।
- प्रवीन शर्मा, परियोजना अभियंता, फतेहाबाद।