फतेहाबाद। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है। उन्हें कोरोना संक्रमण हुआ और वह ठीक भी हो गए और उनके शरीर में एंडीबॉडी भी बने। जिले के 6 से 9 साल के 61.3 फीसदी तथा 10 से 17 साल के 69.6 फीसदी बच्चों में एंटीबॉडी पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पिछले माह जिले में सीरो सर्वे करवाया गया था। इसमें जिला भी शामिल था।
सीरो सर्वे की रिपोर्ट में जिले के 75.4 फीसदी लोगों के रक्त के नमूने में एंटीबॉडी मिले हैं। जबकि 2020 में करवाए गए सीरो सर्वे के पहले राउंड में 3.2 प्रतिशत तथा दूसरे में 12.2 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडी पाई गई थी। इस सिरो सर्वे से पता लगाया जाता है कि जनता में कितने प्रतिशत एंटीबॉडी एसएआरएस कोविड-2 के विरुद्ध, नेचुरल इनफेक्शन या कोविड-19 टीकाकरण के परिणामस्वरूप उत्पन्न हो पाई है।
1600 में से 1207 लोगों में मिले एंटीबॉडी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सीरो सर्वे में जिले से कुल 1600 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए थे जिसमें से 1207 लोगों के रक्त के नमूनों में (75.4 प्रतिशत) एंटीबॉडी पाई गयी। जिले में कुल 40 कलस्टर (24 ग्रामीण, 16 शहरी) से 1600 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। ग्रामीण कलस्टर से कुल 961 लोगों के रक्त के नमूने लिये गये जिसमें से 708 (73.7 प्रतिशत) लोगों में एंटीबॉडी पाई गई व शहरी कलस्टर से 639 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए, जिसमें से 499 (78.1 प्रतिशत) लोगों में एंटीबॉडी पाए गए। कुल 730 पुरुष, 869 महिलाएं व 1 ट्रांसजेंडर के रक्त के नमूने लिए गए। जिसमें से 525 पुरुष (71.9 प्रतिशत), 681 महिलाएं (78.4 प्रतिशत) व 1 ट्रांसजेंडर (100 प्रतिशत) में एंटीबॉडी पाए गए।
आयुवर्ग से समझिए कितने में मिले एंडीबॉडी
आयु वर्ग सैंपल लिए एंटीबॉडी मिले प्रतिशत
6 से 9 142 87 61.3
10 से 17 427 297 69.6
18 से 29 232 185 79.7
30 से 39 250 194 77.6
40 से 49 208 175 84.1
50 से 59 152 119 78.3
60 व 70 189 150 79.4
टीकाकरण पात्रों के लिए गए 64.4 फीसदी सैंपल
जिले में कुल 1600 लोगों के रक्त के नमूने एसएआरएस कोविड-2 के विरुद्ध, नेचुरल इनफेक्शन या कोविड-19 टीकाकरण एंटीबॉडी जांच को लेकर लिए गए। जिसमें से 1031 लोग कोविड-19 टीकाकरण के लिए पात्र थे तथा उनमें से 623 लोगों का कोविड-19 टीकाकरण हो चुका था व 408 लोगों कोविड-19 टीकाकरण नहीं हुआ था।
कोट
अब 75.4 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडी है
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सीरो सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे में बच्चों में एंटीबॉडी मिले हैं। यानी की ये बच्चे कोरोना संक्रमित हुए हैं और ठीक हो गए। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है। सीरो सर्वे रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि जब वैक्सीन नहीं लगी थी तब एंटीबॉडी क्या थे और अब क्या स्थिति है। पहले राउंड में 3.2 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटीबॉडी थे और अब 75.4 फीसदी लोगों के शरीर में एंटीबॉडी है। इसलिए कोरोनारोधी वैक्सीन जरूर लगवाएं।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन
टीकाकरण हो चुके लोगों में पाए गए एंटीबॉडी
आंकड़ों का अवलोकन करने पर पाया गया है कि उन लोगों में एंटीबॉडी अधिक पाई गई है जिनका कोविड-19 टीकाकरण हो चुका था। जिन लोगों की आयु 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक है वे अपना कोविड-19 टीकाकरण की दोनों डोज अवश्य लें। जिला फतेहाबद में कोविड-19 टीकाकरण लाभार्थी की संख्या 737635 है, जिनमें से 550256 लोग प्रथम डोज व 187851 लोग दोनों डोज ले चुके हैं। टीकाकरण से वंचित नागरिकों से अपील है कि वे समय पर कोविड-19 टीकाकरण की दोनों डोज लें व अपने आप को कोविड-19 महामारी से सुरक्षित करें।
- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन फतेहाबाद।