लघु सचिवालय के सामने ही खाली पड़ी जगह में कूड़े में लगी से उठता धुआं।
फतेहाबाद। उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बाद पराली की आग से बढ़े प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन की हलचल बढ़ गई है। जिलाधीश एवं डीसी अजय सिंह तोमर ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। इन आदेशों के तहत पत्थर तोड़ने वाली यूनिट, माइनिंग, निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाली सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग, नए निर्माण कार्यों तथा किसी भी प्रकार के कूड़े, रबड़ या अन्य सामग्री को जलाने पर रोक लगा दी गई है। इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस का भी पराली की आग रोकने के लिए सहयोग लिया जाएगा। हालांकि, वीरवार को भी एक्यूआई का औसत स्तर 413 और अधिकतम 429 रहा। वहीं, दूसरी तरह जिले में वीरवार को 13 स्थानों पर पराली में आग की सूचना हरसेक ने कृषि विभाग को दी है। अब तक हरसेक की ओर से जिले में 351 फायर लोकेशन भेजी जा चुकी हैं, जिनमें से 94 को कृषि विभाग फेक बता रहा है।
173 किसानों पर लग चुका जुर्माना
जिले में अब तक कृषि विभाग की ओर से 173 किसानों पर 440000 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। मगर इसके बावजूद पराली की आग नहीं रूक रही है। पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने के ऐलान के साथ ही धान उत्पादक क्षेत्रों में थाना प्रभारियों ने सरपंचों के साथ बैठक करनी शुरू कर दी है। सरपंचों से गांव में पराली नहीं जलने देने का आग्रह करने में एसएचओ जुट गए हैं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने पराली जलाने के मामलों पर रोक लगाने में गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं पराली जलेगी तो संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
दिवाली की रात सबसे अधिक पराली जलने की आशंका
जिले में इन दिनों देरी से धान की बिजाई करने वाले क्षेत्रों में धान की कटाई जोरों पर हैं। ऐसे में दिवाली की रात सबसे अधिक पराली जलने की आशंका है। हर साल दिवाली के पटाखों के शोरगुल में पराली को आग लगाने के मामले आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने दिवाली की रात निगरानी के लिए अधिक ध्यान देने पर जोर दिया है। वहीं वीरवार को दिनभर प्रदूषण से भरा धुआं आसमान में छाया रहा। इसके कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ महसूस होती रही। नगर परिषद की ओर से टैंकरों के माध्यम से कच्ची गलियों और मुख्य रास्तों पर पानी का छिड़काव करवाया गया।
कोट
पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण से बचाव की दिशा में जिला प्रशासन कई कदम उठा रहा है। इन प्रयासों में आमजन भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। वायु प्रदूषण नियंत्रण में रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नागरिक सुबह और देर शाम को बाहर टहलने से परहेज करें। लकड़ी, कोयला, पशुओं का गोबर, मिट्टी का तेल जलाने से बचें।
-अजय सिंह तोमर, डीसी, फतेहाबाद