फतेहाबाद। रजिस्ट्री के लिए एक ही स्टांप का दो जगह इस्तेमाल किया गया। रजिस्ट्री के लिए ऐसे 18 मामले सामने आए है जिसमें 9 स्टांप से 18 रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसके लिए तीन मोबाइल फोन नंबरों का प्रयोग हुआ है।
वहीं गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद नायब तहसीलदार आशीष कुमार की शिकायत पर तीन मोबाइल फोन नंबरों के मालिकों के खिलाफ बुधवार रात को मामला दर्ज हुआ है। हालांकि जिन मोबाइल फोन नंबरों का एफआईआर में जिक्र किया गया है अब वे बंद आ रहे हैं। नायब तहसीलदार ने शिकायत में बताया है कि वसीकाओं में स्टांप ड्यूटी को लेकर लगाए गए स्टांप पेपर दो बार क्रेता-विक्रेता का नाम बदलकर इस्तेमाल करने की अनियमितता पाई गई है। वसीकाओं में टोकन नंबर की जांच के दौरान उस पर दर्शाए गए मोबाइल फोन नंबर और स्टांप ड्यूटी पर दर्ज मोबाइल फोन नंबर से मिलान किया गया।
शिकायत में नायब तहसीलदार ने बताया है कि दस्तावेजों की जांच में सामने आया है कि इस तरह 8 लाख 60 हजार 675 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। 18 रजिस्ट्रियों की अप्वाइंटमेंट मोबाइल फोन नंबर की जांच सूची निकलवाई गई तो दर्ज मोबाइल फोन नंबर 94169-24747, 81685-30939, 94678-43747 से ली गई है। जो कि स्टांप ड्यूटी पर दर्शाए गए मोबाइल नंबर से मेल खाते हैं।
तीनों मोबाइल फोन नंबर बंद, प्रॉपर्टी डीलरों पर संदेह
नायब तहसीलदार द्वारा एफआईआर में जिन मोबाइल फोन नंबरों का जिक्र किया गया है वह प्रॉपर्टी डीलरों के बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि धोखाधड़ी में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर शामिल हो सकते हैं। हालांकि ये जांच का विषय है। जब इन नंबरों पर जब संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बंद आ रहे हैं।
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अब पुलिस पर टिकी है सारी जांच
मामले में नायब तहसीलदार ने जो मोबाइल फोन नंबर दिए हैं उनका इस्तेमाल स्टांप घोटाला में हुआ है। इसमें आरोपी का नाम शामिल नहीं है। ऐसे में अब पुलिस पर सारी जांच टिकी है। पुलिस पहले ये पता लगाएगी कि ये मोबाइल फोन नंबर किसके है और इसका स्टांप घोटाला में किस तरह से उपयोग हुआ है। वहीं मामले में ये सवाल भी उठ रहे हैं कि बिना अधिकारी व कर्मचारियों की मिलीभगत के स्टांप को लेकर धोखाधड़ी कैसे हो सकती है। अगर ये धोखाधड़ी नहीं है तो बड़ी लापरवाही कैसे हुई है।
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मोबाइल नंबरों की होगी जांच
बता दें कि तहसील कार्यालय में रोजाना 50 से 60 रजिस्ट्रियां होती हैं। शहर थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि नायब तहसीलदार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इसमें मोबाइल फोन नंबर दिए गए हैं जिनका इस्तेमाल स्टांप पेपर में हुआ है। मोबाइल नंबर से मालिक के नाम पता लगाया जाएगा, जो इस धोखाधड़ी में शामिल है।