साक्षर भारत मिशन के तहत जिले में आयोजित 7वीं परीक्षा में जिलेभर से लगभग 14,565 नवसाक्षरों ने ‘बुनियादी साक्षरता परीक्षा’ दी। यह परीक्षा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय साक्षरता मिशन एवं राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के सौजन्य से कराई गई। इस परीक्षा में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक रही। जिले में 9,418 महिलाओं ने यह परीक्षा दी जबकि पुरुषों की संख्या 5,147 रही। परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के युवा और बुजुर्गों ने भाग लिया।
मिशन के सचिव एडीसी डॉ. जयकिशन आभीर के निर्देशन में आयोजित इस परीक्षा के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर गांव के वरिष्ठतम विद्यालय में परीक्षा केंद्र बनाया गया था। जिले में कुल 246 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न हुई। समाज में कदम से कदम मिलाकर चलने एवं नई पीढ़ी के साथ सामंजस्य की चाह में नवसाक्षर युवाओं और बुजुर्गों में साक्षरता परीक्षा को लेकर उत्साह दिखाई दिया। 21 अगस्त को हुई परीक्षा में खंड जाखल में कुल 1499 लोगों ने परीक्षा दी। इनमें 525 पुरुष एवं 994 महिलाओं ने भाग लिया। जाखल गांव के प्रेरक आदिश मित्तल के प्रयासों से 65 नवसाक्षरों ने परीक्षा दी। गांव रूपावाली में प्रेरक गुरजीत और वीना के सहयोग से 104 एवं मुसाखेडा में प्रेरक बिटु सिंह व इन्द्र कौर के प्रयास से 106 नवसाक्षरों ने परीक्षा मे भाग लिया।
जिले में अब तक हुई बुनियादी साक्षरता परीक्षा में इस बार की परीक्षा में प्रेरकों एवं स्कूल स्टाफ के सहयोग से सर्वाधिक नवसाक्षरों ने परीक्षा दी है। जिला मिशन समन्वयक ने बताया कि खंड रतिया में 3692, टोहाना में 3100, फतेहाबाद में 2366, भूना में 2198 एवं भट्टू में 1619 लोगों ने परीक्षा दी