फतेहाबाद। 134 ए के तहत दाखिले को लेकर निजी स्कूलों और शिक्षा विभाग के बीच चल रहे विवाद में विद्यार्थी पिस रहे है। कहीं विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल रहा है तो कहीं दाखिले के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को बस सेवा देने से स्कूल संचालक मना कर रहे है। शिक्षा विभाग के पास करीब 35 से ज्यादा शिकायतें आ रखी है।
अशोक नगर निवासी रमेश कुमार का कहना है कि उसके बेटे का निजी स्कूल में 134 के तहत दाखिला हुआ है लेकिन स्कूल प्रबंधन बस सुविधा से मना कर रहा है, जबकि स्कूल शहर से बाहर है। ठाकर बस्ती की मीनू का कहना है कि उसकी बेटी का दूसरी कक्षा में दाखिला करवाना है लेकिन स्कूल प्रबंधन दस्तावेजों में कमी बताकर रोज चक्कर कटवा रहे हैं। वहीं निजी स्कूल संचालक 134 ए के दाखिले को लेकर खुलकर सामने आ गए है और शुक्रवार को स्कूल संचालकों ने सीटीएम अंकिता वर्मा और जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कहा है कि जब तब पिछले सात सालों की प्रतिपूर्ति राशि जारी नहीं की जाती तब तक 134 ए के तहत दाखिला नहीं देंगे। स्कूल संचालकों की माने तो पिछले सात साल में मात्र एक साल की ही राशि जारी हुई और वह भी आधे स्कूलों को मिली है। एक स्कूल की करीब 25 से 30 लाख रुपये राशि बकाया है।
सात सालों से नहीं मिली राशि : स्कूल प्रबंधक
हरियाणा संयुक्त विद्यालय संघ के प्रदेश संरक्षक विजय निर्मोही और निशा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन भास्कर ने ब्यान जारी करते हुए कहा कि इस वर्ष परिस्थितियों को देखते हुए जब तक सरकार इन पर सहानुभूति पूर्वक विचार करके कोई निर्णय नहीं लेती, तब तक 134-ए के तहत बच्चों को दाखिला देने में प्राइवेट स्कूल असमर्थ है। इस आशय का एक ज्ञापन जिला प्राइवेट स्कूल संघ की तरफ से शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नाम नगराधीश अंकिता वर्मा व जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग को सौंपा। इस अवसर पर मनीष कोहली, सुशील बंसल, राजन मेहतानी, अंशुल चराइपौत्रा, राजेंद्र शर्मा, सुशील शर्मा, टीडी मेहता,साहिल चराईपौत्रा, बनवारी लाल तनेजा, निशांत निर्मोही, गुलाब सुंडा, अंशुल तनेजा, कृष्ण अवस्थी सहित अनेक स्कूल संचालक मौजूद रहे। दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले लगभग सात वर्षों से लगातार ऐसे बच्चे प्राइवेट स्कूलों में सुचारु रूप से पढ़ रहे हैं। लेकिन इस वर्ष प्राइवेट स्कूल इस संबंध में दाखिला देने और पढ़ाने में असमर्थ है, क्योंकि कोरोना ने पिछले दो वर्षों से प्राइवेट स्कूलों की आर्थिक स्थिति खस्ता हाल कर दी है। रही-सही कसर सरकार पूरी करती जा रही है। प्राइवेट स्कूलों को कोई राहत देना तो दूर की बात, प्राइवेट स्कूलों का पिछले सात सालों का हक जोकि 134-ए के तहत प्रतिपूर्ति राशि के रूप में दिया जाना था, सरकार उसे दबाए बैठी है और अब तक जारी नहीं कर रही है।
हाई और सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं की जारी नहीं होती राशि
स्कूल संचालकों ने बताया कि शिक्षा विभाग प्राइमरी कक्षाओं को ग्रामीण क्षेत्र में 300 रुपये और शहरी क्षेत्र में 500 रुपये प्रति विद्यार्थी राशि जारी करता है। जबकि हाई और सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए कोई राशि तय नहीं कर रखी है।
जिले में इन विद्यार्थियों ने पास की है परीक्षा
खंड परीक्षार्थी पास विद्यार्थी
भट्टू 191 134
भूना 156 129
फतेहाबाद 478 324
जाखल 47 33
रतिया 223 151
टोहाना 279 204
कोट
134 ए के तहत दाखिले को लेकर जो भी शिकायतें आ रही है खंड स्तर पर उन्हें निपटाया जा रहा है। जहां तक स्कूल बस सुविधा न देने की शिकायतें है उनका भी निपटारा किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधकों की मांग को सरकार के पास भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग ने दाखिला लेने की तारीख को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी