तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर दिल्ली कूच के लिए जा रहे पंजाब के आठ जिलों के किसानों ने मूनक के रास्ते हरियाणा में प्रवेश किया। मगर टोहाना में बॉर्डर पर ही डीएसपी बिरम सिंह के नेतृत्व में खड़े भारी पुलिस बल ने किसानों को रोक लिया। किसानों ने वहीं डेरा डालते हुए सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक किसानों को डीएसपी व अन्य पुलिसकर्मी उन्हें वापस पंजाब जाने के लिए समझाते रहे। मगर देर शाम तक किसान वहीं पर डटे रहे। उधर, उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार भी पल-पल की रिपोर्ट सभी एरिया से लेते रहे।
वहीं, रतिया पुलिस ने देहाती मजदूर सभा के राज्य महासचिव तेजिंदर सिंह थिंद को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 27 नवंबर तक हिरासत में भेज दिया गया है।
ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ पहुंचे किसान : भाकियू के पंजाब प्रदेश महासचिव काका सिंह के नेतृत्व में हजारों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों के माध्यम से टोहाना बॉर्डर पर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने डीएसपी से धरने के लिए उचित जगह मुहैया करवाने का आह्वान किया जिसके बाद डीएसपी ने किसानों को पंजाब में वापस जाने की बात कही और आगे नहीं जाने दिया गया। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट राहुल कंसल, एसएचओ सुरेंद्र सिंह, एसएचओ जयभगवान, सीआईए इंचार्ज भी मौजूद रहे।
दरअसल, किसानों के दिल्ली कूच की सूचना मिलने के बाद ही शहर पुलिस ने चंडीगढ़ रोड चौकी से आगे नहर की ओर, एचपी पेट्रोल पंप व सिटी मैक्स अस्पताल के पास नाका लगा दिया। पुलिस को पंजाब के मूनक की ओर से किसानों के आने की सूचना मिली तो पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट हो गया। डीएसपी बिरम सिंह, सदर प्रभारी जयभगवान, सीआईए इंचार्ज साधुराम ने आरपीएफ व नारकोटिक्स सेल की टीम को भी बुलाया लिया और किसानों को वहीं पर रोक लिया गया।
इन जिलों से आए हजारों किसान : पंजाब में पिछले करीब दो महीने से धरने पर बैठे किसानों ने अलग-अलग रास्तों से दिल्ली की ओर चलना शुरू किया। इस दौरान मूनक से टोहाना के रास्ते दिल्ली जाने के लिए पंजाब के फाजिल्का, भटिंडा, लुधियाना, संगरूर, फरीदकोट, बरनाला, मुक्तसर जिलों के हजारों किसान पहुंचे। किसान नेताओं ने डीएसपी से बात करके आगे जाने देने की अपील की लेकिन पुलिस ने किसानों को वहीं रोकते हुए टस से मस नहीं होने दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली जाने की बात कही।
किसान दिल्ली जरूर जाएंगे: काका सिंह : इस दौरान पंजाब में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव काका सिंह ने कहा कि किसान कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं तथा दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया है। किसान दो महीने का राशन लेकर दिल्ली के लिए निकल पड़े हैं। पंजाब सरकार ने उनसे कोई रोक टोक नहीं की, लेकिन हरियाणा सरकार किसान विरोधी होने का काम कर रही है। पंजाब हरियाणा के किसान एकत्रित होकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली जरूर जाएंगे।
कार्यालय जाते समय राज्य महासचिव को किया गिरफ्तार : सुबह से ही रतिया पुलिस किसान नेताओं की तलाश में रही। इसी बीच पुलिस को पता चला कि देहाती मजदूर सभा के राज्य महासचिव तेजिंदर सिंह कार्यालय की तरफ जा रहे हैं। पुलिस ने तुरंत उन्हें काबू कर लिया। सिटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने तेजेंद्र सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें शांति भंग होने की आशंका के चलते गिरफ्तार किया गया था। वहीं, भवन एवं अन्य निर्माण कामगार यूनियन के राज्य महासचिव कामरेड राजेश चौबारा व देहाती मजदूर सभा के जिला सचिव कामरेड सुखचैन रताखेड़ा ने कहा कि किसान एवं मजदूर नेताओं की गिरफ्तारी सरकार की ओच्छी सोच का परिचय है। ऐसे नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन नहीं थमेगा।
वाहन चालकों के मोबाइल नंबर लिखे गए : रतिया क्षेत्र की ब्राह्मणवाला पुलिस चौकी में नाकेबंदी मजबूत कर दी गई। इस दौरान पुलिस द्वारा प्रत्येक आने-जाने वाले वाहन की गहनता से जांच की गई और वाहन चालकों के नाम व पते भी दर्ज किए गए। रतिया के एसडीएम सुरेंद्र बेनीवाल ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दूसरी तरफ पंजाब पुलिस के अधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बॉर्डर पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। कयास लगाए जा रहे थे कि ब्रह्मणवाला बॉर्डर के माध्यम से ही मानसा बठिंडा जिलों के किसानों द्वारा दिल्ली कूच के लिए हरियाणा में प्रवेश किया जाएगा। इसलिए प्रशासन सतर्क हो गया। अवरोधक लगाकर रास्ते बंद कर दिए गए।
जाखल में पुलिस ने लगाए सात नाके : कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली धरना देने जा रहे किसानों को बॉर्डर पर रोकने के लिए पुलिस ने पूरी तरह से एरिया में नाकेबंदी की। पुलिस ने कड़ेल बैरियर, गांव सिधानी बैरियर, चांदपुरा कुलरिया मार्ग, चुलड़-तलवाड़ा रोड सहित सात जगहों पर नाके लगाए। जाखल थाना प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में हरियाणा-पंजाब सीमा पर वाहनों की जांच की गई। हालांकि इस दौरान किसी भी तरीके से कोई विरोध देखने को नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक हरियाणा की सीमाओं को सील कर दिया गया है। दिल्ली की ओर जाने वाले किसानों को रोका जा रहा है।
सरकार के निर्देशानुसार किसान दिल्ली में न जाए, इसके चलते उन्हें रोका गया है। कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार लोगों को एकत्रित नहीं होने देना चाहती है ताकि बीमारी पर काबू पाया जा सके। किसानों ने उनसे अन्य जगह पर रुकने के लिए कहा था लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार आगे नहीं जाने दिया जाएगा। किसान वापस पंजाब में जाकर रुक सकते हैं। -बिरम सिंह, डीएसपी, टोहाना।