प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव से गुस्साए युवाओं ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को रतिया में काले झंडे दिखाए। बराला ने गाड़ी रोककर युवाओं को मिलकर शांत किया और उन्हें आश्वासन दिया कि आरक्षण के नाम पर लूटपाट व आगजनी की घटनाओं के पीड़ितों को उचित मुआवजा व आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कारवाई की जाएगी। बराला यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित आंखों के कैंप में शिरकत करने आ रहे थे। इस दौरान युवकों ने टोहाना रोड के समीप रास्ता रोककर काले झंडे दिखाए।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को रतिया में स्वास्थ्य विभाग के एक कार्यक्रम में मुख्याअतिथि के तौर पर भाग लेने के लिए पहुंचना था। दोपहर करीब दो बजे सुभाष बराला बाईपास के समीप पहुंचे तो विभिन्न समुदायों के युवाओं ने बराला का रास्ता रोकने की कोशिश की। उन्होंने बराला को काले झंडे दिखाए व गो बैक के नारे लगाए। युवाओं के आक्रोश को देखकर बराला ने गाड़ी रोक कर उनकी बात सुनी।
युवकों ने कहा कि प्रदेश में हुए उपद्रव व आगजनी पर प्रशासन और सरकार की नाकामी रही है। उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में आरक्षण की आड़ में जिन उपद्रवियों ने लूटपाट, आगजनी, छेड़छाड़ की है, उन उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ितों को नुकसान की जल्द भरपाई की जाए। बराला ने युवाओं को शांत करते हुए कहा की विपक्ष के कुछ नेताओं ने एक साजिश के तहत ही सारे घटनाक्रम को अंजाम दिया है। जल्द ही साजिश को बेनकाब किया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों को भी उचित मुआवजा जल्द दिया जाएगा ।
अलर्ट के बावजूद युवाओं ने दिखाए काले झंडे
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को काले झंडे दिखाए जाने की सूचना मिल गई थी। इस पर पुलिस की एक बस व अन्य वाहनों में जिले भर से भारी पुलिस फोर्स रतिया पहुंच गई थी और उन्होंने सुभाष बराला के आगमन स्थल जैन समाधि व अन्य स्थानों को पुलिस ने पूरी तरह से घेर लिया था। इसके बावजूद आक्रोशित युवक पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए टोहाना रोड पर पहुंच गए और बाईपास के समीप सुभाष बराला को काले झंडे दिखाए।