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गर्भवती और वरिष्ठ नागरिकों को भी दवा के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार

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नागरिक अस्पताल में दवा लेने के लिए मरीजों की लगी भीड़। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में मरीजों को दवाई लेने के लिए धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है। दवा लेने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक कि गर्भवती और वरिष्ठ नागरिकों को भी दवा के लिए घंटों लाइन में लग रहे हैं। डिस्पेंसरी के बाहर मरीजों को सुविधा देने के लिए माइक सिस्टम शुरू किया गया था लेकिन यह 10 दिन भी नहीं चल पाया।
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बता दें कि अस्पताल में ओपीडी की संख्या रोजाना करीब 650 से 700 तक हो रही है लेकिन डिस्पेंसरी में फार्मासिस्टों की कमी है। मरीज को दवा लेने के लिए काउंटर पर पर्ची देने के बाद कंप्यूटर में एंट्री का इंतजार करना पड़ रहा है और फिर दवा जारी हो रही है। अस्पताल में दवा लेने के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए करीब सात साल पहले विभाग ने स्क्रीन और माइक सिस्टम लगवाया था, लेकिन ये 10 दिन भी नहीं चला। हालात ये है कि सिस्टम खराब हो चुका है। इसे लगवाने का मकसद ये था कि डिस्पेंसरी में दवा लेने वाले मरीज को पर्ची देने के बाद खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। एलईडी पर टोकन नंबर आ जाएगा और माइक से आवाज लगाकर बुलाया जाएगा। लेकिन डिस्पेंसरी में ये सिस्टम कामयाब नहीं हुआ।
खिड़की अलग-अलग लेकिन खुलती है सिर्फ दो
नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में महिला-पुरुष के अलावा गर्भवती और सीनियर सिटीजन के लिए अलग-अलग खिड़की है लेकिन हालात ये है कि दो ही खिड़की खोली जा रही है। गर्भवती और सीनियर सिटीजन को भी दवा के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मरीज को दवा के लिए काउंटर पर पर्ची देनी पड़ती है, कंप्यूटर पर एंट्री होने के बाद जारी होती है।
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कोरोना संक्रमण कम हुआ तो बढ़ी ओपीडी
कोरोना संक्रमण ज्यादा होने पर अस्पताल में ओपीडी 50 फीसदी तक कम हो गई थी। लेकिन अब संक्रमण कम होने पर ओपीडी बढ़ गई है। अस्पताल में अब रोजाना 650 से 700 तक ओपीडी आ रही है।
कोट
डिस्पेंसरी में भीड़ ज्यादा होने का मामला अभी संज्ञान में आया है, वैसे भीड़ नहीं होनी चाहिए। एक फार्मासिस्ट ट्रेनिंग पर गया हुआ है। डिस्पेंसरी के बाहर अगर भीड़ लग रही है और मरीजों को परेशानी हो रही है तो इसको लेकर व्यवस्था की जाएगी।
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-डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
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